Shocking But True: शिवपुरी में जनसुनवाई के दौरान बुजुर्ग ने कहा- "मैं जीवित हूं लेकिन दस्तावेज़ों में मृत!" पंचायत सचिव ने मृत घोषित कर योजनाओं से वंचित कर दिया... अब मांगीलाल कर रहा है अपने 'जिंदा' होने की गुहार।

Shivpuri Man Declared Dead But Alive: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रशासन को झकझोर कर रख दिया। पोहरी जनपद के बमरा गांव के रहने वाले बुजुर्ग मांगीलाल शर्मा खुद जिला मुख्यालय पर कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और सीधे कहा – "साहब, मैं जिंदा हूं!" यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।

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सिस्टम की भूल या भ्रष्टाचार की चाल? 

दरअसल, मांगीलाल के अनुसार, 6 जनवरी 2025 को ग्राम पंचायत सचिव ने उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब उनके बेटे गिर्राज शर्मा ने समग्र ID से केवाईसी करवाने की कोशिश की। जब सिस्टम में पिता की स्थिति 'मृत' दिखाई गई तो पूरा परिवार सन्न रह गया।

‘खेत में काम कर रहा हूं, फिर भी मृतक!’ 

बुजुर्ग मांगीलाल बताते हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और हर दिन खेतों में काम करते हैं। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में मृतक घोषित होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सरकारी योजनाओं से वंचित, संकट में पहचान 

इस ‘कागजी मौत’ के कारण उन्हें वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से भी हाथ धोना पड़ा है। अब वे कलेक्टर से निवेदन कर रहे हैं कि उन्हें फिर से ‘जिंदा’ घोषित किया जाए ताकि जीवन सामान्य हो सके।

क्या पंचायत सचिव की है मिलीभगत? 

मांगीलाल का यह भी आरोप है कि यह गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया फर्जीवाड़ा है। उन्होंने पंचायत सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाया है और कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश 

कलेक्टर ने इस अजीब लेकिन गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पंचायत सचिव पर प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मांगीलाल की सभी सरकारी योजनाओं की पात्रता तत्काल बहाल की जाए।