सीएम मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ तैयारियों व सड़क चौड़ीकरण का निरीक्षण किया। नागरिकों ने स्वेच्छा से संपत्तियां हटाकर सहयोग दिया। यहां 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिससे धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा।

भोपाल/उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत उज्जैन शहर में चल रहे विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नीलगंगा से केटीएम गैल इंडिया चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण और शांतिनगर से इंदौर रोड तक बन रहे नए मार्ग के निर्माण कार्य की प्रगति देखी। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कार्यों की जानकारी ली और सिंहस्थ की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर किया मुख्यमंत्री का स्वागत

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मार्ग में स्थानीय रहवासियों से संवाद भी किया। लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और शहर के विकास कार्यों में स्थानीय नागरिकों की ओर से किए जा रहे सहयोग की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल मंदिर जाने वाला मुख्य मार्ग सिंधी कॉलोनी चौराहे से नानाखेड़ा बस स्टैंड तक है। नानाखेड़ा बस स्टैंड की ओर आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि शहर के मध्य से गुजरने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग पुराने और नए उज्जैन को एलिवेटेड ब्रिज के माध्यम से जोड़ने का काम करेगा।

मकान और दुकानें पीछे करने में नागरिकों ने दिया सहयोग

डॉ. यादव ने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के नागरिकों ने स्वेच्छा से अपने मकानों को पीछे करने में सहयोग किया है। उनके अनुसार, यह शहर की गौरवशाली विरासत के साथ विकास के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थलों को लेकर भी नागरिकों ने सहजता से अपने मंदिरों को पीछे किया है। स्थानीय रहवासियों ने चौड़ीकरण के लिए अपने मकान, जमीन और दुकानें उपलब्ध कराकर सरकार के विकास कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर विकास कार्यों के कारण मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं, वहां भी स्थानीय लोग फूलों से स्वागत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे उज्जैन के नागरिकों की सकारात्मक सोच और विकास के प्रति सहयोग की भावना बताया।

सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर तैयारियां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भी है।

उन्होंने कहा कि उज्जैन के सभी समाजों के नागरिक शहर के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं। चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों में नागरिक जिस भावना और समर्पण के साथ सहयोग कर रहे हैं, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी नागरिकों को बधाई दी।

डॉ. यादव ने कहा कि सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ ठोस निर्णय लेकर उज्जैन में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित करेगी। इन परियोजनाओं के जरिए उज्जैन के साथ-साथ मध्य प्रदेश और देश की छवि को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा उज्जैन

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले जहां करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते थे, वहीं पिछले वर्ष लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष यह संख्या 12 करोड़ से अधिक होने की दिशा में बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। उज्जैन और इंदौर का क्षेत्र तेजी से धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है और रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सामने आ रहे हैं।

सड़क और यातायात सुविधाओं का किया जा रहा विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या और सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार आवश्यक व्यवस्थाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, यातायात, आवागमन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर और सुगम सुविधाएं मिलें।