Simhastha 2028 Preparations Accelerate: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर CM मोहन यादव ने निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए। 175 प्रोजेक्ट, 20 हजार करोड़ की लागत, घाट, पार्किंग और व्यापारियों के लिए नई योजना पर फोकस।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 अभी दूर है, लेकिन इसकी तैयारियों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि मेले से जुड़े निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। खास फोकस श्रद्धालुओं की आवाजाही, घाटों तक पहुंच, पेयजल, सीवरेज, पार्किंग और ठहरने की व्यवस्था पर रहेगा। साथ ही सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने की तैयारी भी होगी।
175 निर्माण कार्य, करीब 20 हजार करोड़ का निवेश
उज्जैन में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े 175 निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। इनकी कुल लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार ने इनके लिए चरणबद्ध समयसीमा तय की है। दिसंबर 2026 तक 51, जनवरी-मार्च 2027 में 36, अप्रैल-जून 2027 में 61 और जुलाई-अक्टूबर 2027 तक 23 काम पूरे करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने लंबित स्वीकृतियां नवंबर 2026 तक हासिल करने और सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट व सिंहस्थ सेल में जरूरी अधिकारियों-कर्मचारियों की तैनाती इसी सप्ताह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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घाट, पार्किंग और टेंट सिटी पर खास फोकस
सिंहस्थ में संभावित श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आवागमन, ट्रैफिक, पार्किंग और ठहरने की व्यवस्था पहले से तैयार करने को कहा गया है। घाटों की एप्रोच रोड, पेयजल और सीवरेज को प्राथमिकता दी जाएगी। पंचक्रोशी यात्रा मार्ग पर डोम, जबकि घट्टिया, तराना और आसपास के क्षेत्रों में टेंट सिटी व होल्डिंग एरिया की संभावनाएं तलाशने के निर्देश हैं।
स्कूल-कॉलेजों में शौचालय, पानी और जरूरी मरम्मत की व्यवस्था के साथ होम-स्टे बढ़ाने पर भी जोर है। बिजली व्यवस्था के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अलग सिंहस्थ डिवीजन बनाने का निर्देश दिया गया है।
दुकानदारों के लिए बनेगा वैकल्पिक बाजार
सिंहस्थ की तैयारियों में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले व्यापारियों को लेकर भी सरकार ने योजना बनाने को कहा है। बर्तन बाजार और सोना-चांदी कारोबारियों के लिए नए बाजार विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
नजर अली मिल, कवेलू कारखाना क्षेत्र या आसपास की जगहों पर विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर वैकल्पिक बाजार विकसित करने पर विचार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों के साथ स्थानीय कारोबारियों के रोजगार और व्यवसाय के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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