SKOCH Gold Award 2025: मध्यप्रदेश की अभिनव पहल “संपदा 2.0” को नई दिल्ली में सुशासन और पारदर्शिता के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला। यह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पंजीयन व ई-स्टाम्पिंग को सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाकर नागरिकों को त्वरित सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है।

मध्यप्रदेश सरकार की अभिनव पहल “संपदा 2.0” को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में इस परियोजना को प्रतिष्ठित SKOCH गोल्ड अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्य सरकार के सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में किए गए प्रयासों की पुष्टि माना जा रहा है।

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मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर “संपदा 2.0” से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पहल सुशासन और जनहितकारी सेवाओं को और तेज़ी से लोगों तक पहुँचाने का साधन बनी है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी कहा कि “संपदा 2.0” ने तकनीक को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाया है। यह सम्मान नवाचार और पारदर्शिता की दिशा में राज्य के प्रयासों का परिणाम है।

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नई दिल्ली में हुआ सम्मान समारोह

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन प्रो. महेंद्र एस. देव और एनआईपीएफपी की निदेशक प्रो. आर. कविता राव की उपस्थिति में “संपदा 2.0” को SKOCH गोल्ड अवॉर्ड प्रदान किया गया। राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार वरिष्ठ जिला पंजीयक श्री स्वप्नेश शर्मा ने प्राप्त किया।

सेवाएँ हुईं और सरल व पारदर्शी

“संपदा 2.0” ने पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की प्रक्रिया को न सिर्फ तेज़ और सरल बनाया है, बल्कि इसमें पारदर्शिता भी सुनिश्चित की गई है। अब नागरिक कहीं से भी, कभी भी ई-स्टाम्प प्राप्त कर सकते हैं और 75 प्रकार के दस्तावेज़ बिना उप पंजीयक कार्यालय आए वीडियो केवाईसी के माध्यम से पंजीकृत कर सकते हैं। इस प्रणाली ने प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाया है और आम लोगों को पेपरलेस, आसान और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराई हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना

मध्यप्रदेश पहले भी इस दिशा में अग्रणी रहा है। राज्य को ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की परिष्कृत प्रणाली के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा, इस पहल से जुड़ी डिजिटल पारदर्शिता को देखते हुए राज्य सरकार को केंद्र की कैपिटल इंसेंटिव स्कीम के तहत 200 करोड़ रुपये की सहायता भी प्रदान की गई।

डिजिटल गवर्नेन्स की ओर एक और कदम

“संपदा 2.0” सॉफ्टवेयर को अब 22 और 23 सितंबर को विशाखापट्टनम में आयोजित राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स कॉन्फ़्रेंस में राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स पुरस्कार 2025 भी मिलने जा रहा है। इसमें जीआईएस तकनीक और अत्याधुनिक डिजिटल फीचर्स शामिल हैं। नागरिक www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से गाइडलाइन दरें देख सकते हैं और ई-स्टाम्प जेनरेट कर सकते हैं।

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