Ujjain crime news: 56 लोगों की जान लेने वाला आतंकी शफीक अंसारी उज्जैन पहुंचा है—कहने को शादी में शामिल होने, लेकिन उसके साथ गुजरात पुलिस का स्पेशल दस्ता और MP पुलिस की सख्त निगरानी क्या इशारा कर रही है? क्या सिर्फ शादी वजह है या पर्दे के पीछे कुछ और?

Ujjain police news: 2008 में गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण सीरियल बम धमाकों का दोषी और 56 लोगों की मौत का जिम्मेदार शफीक अंसारी एक बार फिर उज्जैन में नजर आया है। उसे कोर्ट से पैरोल पर रिहा किया गया है, कथित तौर पर पारिवारिक कारणों से — लेकिन इस बार भी सवाल वही हैं: क्या वाकई सिर्फ पारिवारिक मुलाकात या इसके पीछे है कोई बड़ा साजिशनुमा एजेंडा?

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क्यों आया उज्जैन? निकाह की दावत या कुछ और

सूत्रों के मुताबिक, शफीक अंसारी को उसके भाई की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए कुछ समय की पैरोल मिली है। रविवार को वह गुजरात पुलिस की कड़ी निगरानी में उज्जैन पहुंचा। दो एसीपी, दो टीआई और 12 हथियारबंद जवानों की मौजूदगी ने पूरे शहर में अलर्ट की स्थिति पैदा कर दी। वहीं उज्जैन पुलिस भी सक्रिय हो गई और शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

कौन है शफीक अंसारी और क्यों है इतना खतरनाक?

शफीक, उज्जैन के विराट नगर का रहने वाला है और 2008 के अहमदाबाद ब्लास्ट केस में दोषी करार दिया जा चुका है। इन धमाकों में 56 लोग मारे गए थे और 200 से ज्यादा घायल हुए थे। 2022 में कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह 49 आतंकियों में शामिल था जिन्हें इस केस में गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले भी आया था उज्जैन

यह पहला मौका नहीं है जब शफीक उज्जैन आया हो। सितंबर 2024 में भी उसे पारिवारिक कारणों से पैरोल दी गई थी और उस दौरान भी भारी पुलिस बंदोबस्त किए गए थे। तब भी उसका शहर में आना कई लोगों को बेचैन कर गया था।

क्या है पुलिस की तैयारी?

गुजरात पुलिस की टीम के साथ-साथ उज्जैन पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। शफीक के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि यह केवल एक पारिवारिक दौरा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रहीं।

क्या हो सकता है अगला कदम?

इस मामले ने एक बार फिर से न्यायपालिका के पैरोल नियमों, सुरक्षा व्यवस्था और पुराने आतंकी नेटवर्क के रि-एक्टिवेशन की संभावनाओं पर बहस छेड़ दी है। क्या यह सिर्फ एक ‘निकाह की छुट्टी’ है या फिर कोई पुराना साया वापस लौट आया है? पुलिस की पूछताछ और निगरानी ही इस राज़ से पर्दा हटा सकेगी।