भोपाल में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में UPSC-2025 चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। CM मोहन यादव ने युवाओं को जिम्मेदारी, ईमानदारी और निरंतर सीखने का संदेश देते हुए उन्हें प्रदेश का गौरव बताया।

भोपाल। मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए 23 मार्च का दिन बेहद खास रहा। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC-2025) में चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं और युवाओं को प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया युवाओं को प्रदेश का गौरव

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षण मध्यप्रदेश के लिए संकल्प, ऊर्जा और गर्व का है। उन्होंने कहा कि आज ये युवा जिस मुकाम पर हैं, आने वाले समय में वे देश के महत्वपूर्ण पदों पर रहकर “अमृतकाल 2047” के साक्षी बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में इस तरह का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। इस बार यूपीएससी में मध्यप्रदेश के कई अभ्यर्थियों ने टॉप रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।

सफलता के साथ आती है जिम्मेदारी- CM मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी लेकर आती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र की ताकत है कि एक साधारण व्यक्ति भी देश का प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बन सकता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि चयन के बाद ठहराव नहीं आना चाहिए, बल्कि आगे बढ़ते रहना चाहिए। पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती, इसलिए हमेशा सीखते रहना जरूरी है।

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CM मोहन यादव ने बताया इतिहास और निरंतर अध्ययन का महत्व

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि जो इतिहास को नहीं समझता, वह भविष्य में आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने बताया कि इस बार कई अभ्यर्थियों ने इतिहास विषय के साथ सफलता प्राप्त की है, जो इस विषय की महत्ता को दर्शाता है।

परिवार के साथ समाज की जिम्मेदारी भी निभाएं

मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं से कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र के प्रति भी है। उन्हें शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने का अवसर मिलेगा, जिससे वे कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने आईसीएस में सफलता के बावजूद देश सेवा को चुना। आज का समय देश के विकास में योगदान देने का है।

युवाओं से मुख्यमंत्री मोहन यादव की तीन प्रमुख अपेक्षाएं

मुख्यमंत्री ने युवाओं के सामने अपनी तीन मुख्य अपेक्षाएं रखीं:

  • गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करें
  • नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दें
  • ईमानदारी और सत्य के मार्ग पर चलें

उन्होंने कहा कि ये युवा विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अभ्यर्थियों ने साझा किए सफलता के अनुभव

5वीं रैंक हासिल करने वाले ईशान भटनागर ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, माता-पिता और शिक्षकों का योगदान है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए लक्ष्य स्पष्ट होना जरूरी है और उनका उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को जनता तक पहुंचाना है। वहीं, 260वीं रैंक प्राप्त करने वाली प्राची चौहान ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बेटियों को मिले प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वे आज इस मंच तक पहुंच सकीं।

‘प्रतिभाओं का वर्जन’ पत्रिका और शॉर्ट फिल्म का अनावरण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘प्रतिभाओं का वर्जन’ नामक पत्रिका का विमोचन किया। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों की सफलता पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसने कार्यक्रम को और प्रेरणादायक बना दिया।

सम्मानित किए गए चयनित अभ्यर्थी

कार्यक्रम में भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के कई अभ्यर्थियों को सम्मानित किया गया। इनमें ईशान भटनागर, चितवन जैन, दीक्षा पाटकर, दीक्षा चौरसिया, प्राची चौहान (गंजबासौदा), समीक्षा द्विवेदी, अक्षत बलदवा, अनिमेष जैन, विश्वजीत गुप्ता, आशीष शर्मा, सृष्टि गोयल, ऋतु गोयल, श्रेयांस बड़ौरिया, पुलकित जैन, देवांगी मीणा, सोफिया सिद्दीकी, पूजा सोनी, ऋषुल नीमा, अंजनी मिश्रा, हर्षदीप सागर, तरुण पवार, प्रियशा वर्मा, भूमिका जैन, सौम्या जैन, हर्ष जैन, आयुष स्वामी (सोहागपुर), विवेक यादव, निपेंद्र सिंह तोमर, निकेत सिंह, अश्विनी दुबे, दीपक बघेल, प्राची जैन, राजवर्धन सिंह सिसोदिया, दीपांशु गीत, नितिन मोदी, रोहन जैन, रूपल बान, आयुष भदौरिया, अंकुश पाटीदार, गौरव जाट, संदीप कुमार साहू, उज्ज्वल जैन, आयुषी गुप्ता, अभिजीत जैन, दीपक कोरकू, मानव जैन और कृष्णा गोयल शामिल रहे।