जस्टिस बी पी कोलाबावाला और फिरदौस पूनावाला की बेंच ने कहा कि फिल्म का पहला ट्रेलर आपत्तिजनक था लेकिन उसे हटा दिया गया है और फिल्म से ऐसे सभी आपत्तिजनक दृश्य हटा दिए गए हैं।

Hamaare Baarah movie: विवादों में फंसे अन्नू कपूर की एक्टिंग वाली हमारे बारह मूवी को मंगलवार को बांबे हाईकोर्ट ने देखा। हाईकोर्ट ने कहा कि फिल्म में मुस्लिम समुदाय या कुरान के खिलाफ कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है। भारतीय जनता इतनी भोली या मूर्ख भी नहीं है कि उसे बरगलाया जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि यह फिल्म वास्तव में महिलाओं के उत्थान पर बनायी गई है। सुनवाई करते हुए जस्टिस बी पी कोलाबावाला और फिरदौस पूनावाला की बेंच ने कहा कि फिल्म का पहला ट्रेलर आपत्तिजनक था लेकिन उसे हटा दिया गया है और फिल्म से ऐसे सभी आपत्तिजनक दृश्य हटा दिए गए हैं।

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दरअसल, अन्नू कपूर अभिनीत फिल्म हमारे बारह, अपने रिलीज के पहले ही विवादों में आ गई। जून महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट में फिल्म के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गईं। फिल्म के खिलाफ पड़ी याचिकाओं में यह दावा किया गया था कि यह फिल्म मुस्लिम समुदाय के प्रति अपमानजनक है और इसमें कुरान में कही गई बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।

याचिका पर सुनवाई के दौरान पहले हाईकोर्ट ने इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दिया था। लेकिन फिल्म निर्माताओं ने कोर्ट में गुहार लगाते हुए यह कहा कि वह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के निर्देशानुसार आपत्तिजनक अंशों को हटा देगा। इसके बाद कोर्ट ने फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दे दी।

क्या कहा हाईकोर्ट ने?

बांबे हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि उसने अभिनेता अन्नू कपूर अभिनीत "हमारे बारह" फिल्म देखी। इसमें कुरान या मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध कुछ भी आपत्तिजनक नहीं पाया। फिल्म वास्तव में महिलाओं के उत्थान के उद्देश्य से बनाई गई है। फिल्म में एक मौलाना कुरान की गलत व्याख्या करता है तो एक मुस्लिम व्यक्ति दृश्य में उसी पर आपत्ति करता है। इसलिए यह दर्शाता है कि लोगों को अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहिए और ऐसे मौलानाओं का आँख मूंदकर अनुसरण नहीं करना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा: हमें नहीं लगता कि फिल्म में ऐसा कुछ है जो किसी भी तरह की हिंसा को भड़काए। अगर हमें ऐसा लगता तो हम सबसे पहले इसका विरोध करते। भारतीय जनता इतनी भोली या मूर्ख नहीं है।

कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं पर जुर्माना लगाने का लिया निर्णय

सुनवाई के दौरान बेंच ने फिल्म निर्माताओं पर पेनाल्टी लगाने का निर्णय भी लिया। बेंच ने कहा कि सेंसर बोर्ड से अनुमति बिना ही फिल्म का ट्रेलर रिलीज करने के लिए वह फिल्म निर्माताओं पर जुर्माना लगाएगी।

ट्रेलर में उल्लंघन था इसलिए आपको याचिकाकर्ता की पसंद के अनुसार चैरिटी के लिए कुछ देना होगा। कीमत चुकानी होगी। इस मुकदमेबाजी ने फिल्म को इतना अवैतनिक प्रचार दिलाया है।

कोर्ट ने दी चेतावनी

कोर्ट ने फिल्म प्रोड्यूसर्स को अलर्ट रहने और क्रिएटिविटी की स्वतंत्रता की आड़ में किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए संवाद या सीन को शामिल न करने की चेतावनी दी। हाईकोर्ट ने कहा: निर्माताओं को भी सावधान रहना चाहिए कि वे क्या पेश कर रहे हैं। वे किसी भी धर्म की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचा सकते। मुस्लिम इस देश के दूसरे सबसे बड़े धर्म हैं।

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