Dark Shadows in Palghar! पालघर में पुलिस-NGO की संयुक्त छापेमारी ने बांग्लादेशी नाबालिग को मानव तस्करी के अंधेरे जाल से छुड़ाया। 10 गिरफ्तारियों के बाद पीड़िता ने राज्यों में फैले भयावह नेटवर्क का पर्दाफाश किया, सवाल-कितने और मासूम फंसे हैं? 

Palghar Human Trafficking Case: महाराष्ट्र के पालघर में एक मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट के खुलासे ने पूरे देश को हिला दिया है। पुलिस और NGO की संयुक्त कार्रवाई में 12 वर्षीय बांग्लादेशी नाबालिग बालिका को रेस्क्यू किया गया, जिसे बांग्लादेश से भारत लाकर शोषण के अंधेरे संसार में धकेल दिया गया था। स्कूल में एक सब्जेक्ट में फेल होने पर मां-बाप की डांट से डरकर भागी इस बच्ची ने सपने में भी नहीं सोचा रहा होगा, जिसकी वजह से वह अपना घर छोड़ रही है, उससे कई लाख गुना मुसीबत में वह फंसकर तबाह होने वाली है।

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NGO और पुलिस की संयुक्त बड़ी कार्रवाई 

26 जुलाई को मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और NGO "Exodus Road India Foundation" व "Harmony Foundation" ने नायगांव क्षेत्र में एक फ्लैट पर छापा मारा। इस दौरान पीड़िता समेत 5 लड़कियों को बचाया गया और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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पीड़िता की दर्दनाक कहानी 

पीड़ित लड़की ने बताया कि वह बांग्लादेश की रहने वाली है। वह सातवीं कक्षा की छात्रा थीद्ध वहां परीक्षा में एक सब्जेक्ट में फेल होने के बाद वह घर से भागी थी और एक जानने वाली महिला के साथ भारत आई। यहीं से शुरू हुआ उसका बुरा सपना-जिसमें उसे विभिन्न राज्यों में भेजकर शोषण किया गया। यह कहानी सिर्फ एक बच्ची की नहीं, बल्कि उन सहमी हुई आवाज़ों की है जिन्हें हम अक्सर सुनना पसंद नहीं करते। 12 साल की यह लड़की, जो स्कूल में फेल होकर घर से भागी, उसने किसी को नहीं सोचा था कि उसका ये भागना ही उसके लिए अभिशाप बन जाएगा।

देह व्यापक नेटवर्क का खुलासा 

पालघर पुलिस के अनुसार गत 26 जुलाई को नायगांव में मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने 2 NGOs- एक्सोडस रोड इंडिया फाउंडेशन और हार्मनी फाउंडेशन की मदद से छापा मारा था। छापेमारी के दाैरान फ्लैट व अन्य जगहों से 10 को गिरफ्तार किया गया। पीड़ित किशोरी के अनुसार उसे पहले गुजरात के नाडियाड ले जाया गया, जहां 3 महीनें उसका शारीरिक शोषण हुआ। उसने बताया कि उसे गर्म चम्मच से दागा जाता था। इस दौरान 4 और लड़कियां बरामद किया गया। जांच में पता चला कि यह रैकेट गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक तक फैला हुआ है। पीड़िताओं को जबरन वेश्यावृत्ति में धकेला जाता था और यातनाएं दी जाती थीं।

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