क्या मुंबई एयरपोर्ट पर छिपा है भारत के दुश्मनों का 'एक्सेस पॉइंट'? शिवसेना का दावा – तुर्की की कंपनी भारत से कमा कर पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई में कर रही मदद! 10 दिन का अल्टीमेटम, बड़ा खुलासा या राजनैतिक धमाका?

Shiv Sena against Turkey: हाल ही में पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ ड्रोन हमलों और मिसाइल गतिविधियों में तेजी आई है। इसी बीच तुर्की द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन आपूर्ति की खबरें सामने आने से भारत में गहरी चिंता फैल गई है। तुर्की और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य रिश्तों को देखते हुए शिवसेना ने भारत में सक्रिय तुर्की कंपनियों पर कड़ा रुख अपनाया है।

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सेलेबीएनएएस पर कार्रवाई के लिए MIAL को 10 दिन का अल्टीमेटम

शिवसेना ने सीधे मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लिमिटेड (MIAL) से तुर्की की कंपनी CelebiNAS एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया के साथ अनुबंध समाप्त करने की मांग की है। शिवसेना नेता मुरजी पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एमआईएएल के CEO से मुलाकात की और साफ शब्दों में कहा कि: “हम तुर्की की किसी भी कंपनी को मुंबई में व्यापार नहीं करने देंगे। भारत विरोधी देश के साथ कोई भी आर्थिक साझेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी।”

CelebiNAS का भारत से पैसा, पाकिस्तान को लाभ?

शिवसेना का आरोप है कि सेलेबीएनएएस जैसी कंपनियां भारत से कमाई कर उसे तुर्की को भेज रही हैं, जो आगे पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई करने में मदद करता है। इसका सीधा प्रभाव भारत की सुरक्षा पर पड़ता है। मुरजी पटेल ने कहा: “हम पाकिस्तान समर्थक किसी भी देश की कंपनी को भारत की ज़मीन पर मुनाफा कमाने नहीं देंगे। हमने MIAL से कहा है कि 10 दिन के भीतर सेलेबीएनएएस का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करें।”

तुर्की के खिलाफ शिवसेना की आर्थिक-राजनीतिक जंग

शिवसेना अब इस मुद्दे को केवल स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देख रही है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह तुर्की के खिलाफ राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर विरोध तेज करेगी। पार्टी सूत्रों का दावा है कि अगर मांगे नहीं मानी गईं, तो शिवसेना मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा आंदोलन कर सकती है।

MIAL ने दिया आश्वासन, कार्रवाई संभव

शिवसेना नेताओं ने दावा किया है कि MIAL के CEO ने उन्हें आश्वस्त किया है कि सेलेबीएनएएस के साथ अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और 10 दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी। भारत में तुर्की कंपनी सेलेबीएनएएस की उपस्थिति पर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई के आरोपों के बाद शिवसेना की सख्ती ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब देखना यह होगा कि MIAL और केंद्र सरकार इस पर क्या रुख अपनाते हैं।