पंजाब में लोग अब तीन दिनों तक बसों में यात्रा नहीं कर पाएंगे। इसके पीछे की एक बड़ी वजह  सामने आई है, जिसके चलते लाखाों का नुकसान होता नजर आ रहा है।

फरीदकोट। पंजाब में बस के अंदर यात्रा करने वाले लोगों को तीन दिनों तक परेशानी होने वाली है। पंजाब रोडवेज औऱ पेप्सू सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों ने तीन दिनों तक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। ये हड़ताल कर्मचारियों ने अपनी नौकरी नियमित करने और सैलरी में बढ़ोतरी करने के चलते की है। ऐसे में हड़ताल की वजह से राज्य के कई बस अड्डों पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। फरीदकोट डिपो की हड़ताल के चलते करीब 110 रूट काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जिससे पीआरटीसी प्रबंधन को लाखों रुपये की हानि झेलनी पड़ रही है।

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पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की लगभग 2,800 बसें सड़कों से नदारद रहीं क्योंकि लगभग 8,200 कन्ट्रैक्चूअल कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने इस बात का जिक्र किया है कि इन संगठनों में लगभग 90 प्रतिशत कार्यबल अनुबंध के आधार पर कार्यरत है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर मार्च करने की योजना बनाई है। इस हड़ताल के चलते लोगों के साथ-साथ सरकार को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

समझा-बुझाकर टाल दिया जाता था मामला

पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के साथ यूनियन की हालिया बैठक में कोई समाधान नहीं निकला, जिसके कारण हड़ताल हुई। द हिंदुस्तान टाइम्स की एक पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, यूनियन उपाध्यक्ष हरकेश सिंह विक्की ने शिकायतों को संबोधित करने में गंभीरता की कमी के लिए अधिकारियों की आलोचना की। पीआरटीसी और पनबस वर्कर्स यूनियन के नेताओं का इस संदर्भ में कहना है कि कर्मचारी अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए बार-बार संघर्ष करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्हें कई बार समझा-बुझाकर माफ कर दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यूनियन ने ये तय कर लिया है कि अब वो अपनी मांग पूरी करवा कर रहेंगे।

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