श्रीगंगानगर में गैस गीजर से रिसाव के कारण 15 साल की बच्ची की नहाते वक्त मौत। बाथरूम में देर तक न निकलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।

जयपुर. श्रीगंगानगर जिले के पुरानी आबादी क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां गैस गीजर से गैस रिसाव के चलते 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। घटना सोमवार को वार्ड नंबर छह में घटित हुई। मृतका, संध्या, जो दसवीं कक्षा की छात्रा थी, अपने घर के बाथरूम में नहाने गई थी। जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आई, तो परिजनों को चिंता हुई।

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बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली लाश

परिजनों ने जब आवाज लगाई और कोई उत्तर नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला। उस समय वह बेहोशी की हालत में थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए उसी दिन गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।

गैस गीजर के खतरों को न करें नजर अंदाज

विशेषज्ञों के अनुसार, गैस गीजर के इस्तेमाल के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड का निर्माण होता है। अगर बाथरूम में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं है, तो यह गैस हवा में घुलकर ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देती है, जिससे दम घुटने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी है कि गैस गीजर को बाथरूम के अंदर लगाने की बजाय बाहर लगाया जाए।

बाथरूम में इस वजह से होता है हादसा 

पिछले साल भी हुई थीं घटनाएं श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में पिछले साल भी ऐसी घटनाएं हुई थीं, जहां छह लोगों की जान गई थी। इनमें सभी महिलाएं शामिल थीं। ठंड के मौसम में गैस गीजर का अधिक इस्तेमाल और बाथरूम में वेंटिलेशन की कमी से यह खतरा बढ़ता है।

एक गलती आपको पड़ेगी भारी

सावधानी बरतना है जरूरी इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए। गैस गीजर इस्तेमाल करते समय बाथरूम में खिड़की या वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही, गीजर को नियमित रूप से जांचते रहें और रिसाव की स्थिति में तुरंत इसे बदलें। ऐसी छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी घटनाओं को टाल सकती हैं। यह घटना एक चेतावनी है कि तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।