भाजपा में बाहरी नेताओं को टिकट देने के बाद हो रहे विरोध के चलते कई नेता डर के मारे प्रचार के लिए नहीं जा रहे हैं। चित्तौड़गढ़ से भाजपा प्रत्याशी नरपत सिंह राजवी विरोध के चलते कहीं भी प्रचार के लिए नहीं जा रहे हैं।  

चित्तौड़गढ़। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने जिन नेताओं को टिकट दिया है।‌ उनमें से कुछ का लगातार विरोध हो रहा है। कार्यकर्ता और स्थानीय नेता उन्हें बाहरी बताकर उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आलम यह है कि कुछ जगह पर तो नेता लोग चुनाव प्रचार करना तो दूर अभी तक इलाके में ही नहीं निकले हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में तो कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

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चंद्रभान का टिकट काटकर नरपत सिंह को दिया
जिले में भाजपा ने वहां के स्थापित उम्मीदवार चंद्रभान आक्या का टिकट काट दिया और यह टिकट काटकर जयपुर के विद्याधर नगर से टिकट मांगने वाले नरपत सिंह राजवी को दे दिया। नरपत सिंह राजवीर की जगह वाली सीट से पार्टी ने सांसद दीया कुमारी को उतारा है। नरपत सिंह राजवी ने इसका विरोध किया तो मामला दबाने के लिए पार्टी ने अगली लिस्ट में उनका टिकट चित्तौड़गढ़ से दे दिया। वहां पर भी राजपूत समुदाय के काफी बड़ी संख्या में है।

चंद्रभान आख्या के समर्थकों में गुस्सा
राजवी को टिकट देने के बाद से चंद्रभान आख्या के समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।‌ हालात यह हैं कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी खुद चंद्रभान आख्या को वापस से अपने समर्थन में लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके समर्थक मानने को तैयार नहीं हैं। इस विरोध से डरे नरपत सिंह राजवी अभी तक जयपुर से चित्तौड़गढ़ प्रचार करने तो क्या अपनी शक्ल दिखाने तक नहीं गए हैं।‌

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चित्तौ़ड़गढ़ सीट पर विरोध तेज
ऐसा ही विरोध प्रदर्शन कुछ अन्य सीटों पर भी चल रहा है। लेकिन वहां धीरे-धीरे हालात काबू हो रहे रहे हैं। चित्तौड़गढ़ की इस सीट पर लगातार प्रदर्शन चल रहा है। अब पार्टी के सामने यह सीट चुनौती बनती जा रही है।‌ अगर चंद्रभान आख्या निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं तो ऐसे में उनके समर्थन को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी की यह सीट खतरे में पड़ सकती है।