टोक्यो ओलंपिक के मुकाबले इस बार पेरिस में आयोजित खेलों के महाकुंभ में राजस्थान के तरफ से हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या काफी कम है। इसको लेकर खिलाड़ियों ने आरोप लगाए हैं।

पेरिस ओलंपिक 2024। पेरिस शहर में ओलंपिक का आगाज हो चुका है। पूरे दुनिया की नजरें टिकी हुई है। भारत के करीब 117 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। राजस्थान की बात करें तो 7 करोड़ की आबादी वाले राज्य के सिर्फ दो ही ऐसे प्लेयर है, जो खेलों के महाकुंभ में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों शूटर हैं, जो पहले भी कई बड़े इवेंट में देश और प्रदेश का नाम कर चुके हैं। ओलंपिक में राजस्थान पहले भी शूटिंग में पदक जीत चुका है, जो ओलंपियन राज्य वर्धन सिंह के नाम दर्ज हैं। वो इस समय राजनीति में बड़ा नाम है।

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उदयपुर की रहने वाली शूटर महेश्वरी चौहान ने शॉटगन में हिस्सा ले रही हैं। वे इस खेल में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर रही हैं। पहले भी कई पदक जीतकर विदेशी धरती पर अपना लोहा मनवा चुकी हैं। दूसरे खिलाड़ी अनंतजीत सिंह नरूका का है। एशियाई खेलों में बड़ा नाम कर चुके हैं। रजत एवं कास्य पदक जीत चुके हैं। महेश्वरी और अनंत दोनो स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को लीड करेंगे। सबसे बड़ी बात ये है कि इस खेल में यह एक मात्र भारतीय जोड़ी है।

राजस्थान सरकार पर खिलाड़ियों ने लगाए आरोप

टोक्यो में साल 2020 में हुए ओलंपिक में राजस्थान के तरफ से हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा थी। बीते खेलों में अपूर्वी चंदेला, अर्जुल लाल जाट , दिव्यांश पंवार और भावना कुमारी ने क्वालिफाई कया था। लेकिन इस दफा यह संख्या घटकर सिर्फ दो ही रह गई है। राज्य के पूर्व ओलंपिक खिलाड़ियों का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में यहां खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। प्लेयर अपने दम पर ही कुछ कर पा रहे हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली मदद बहुत ही नाम मात्र की है। हालात यही रही तो अगली बार संख्या घटकर जीरो हो जाएगी।

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