राजस्थान में जैसलमेर के रेलवे स्टेशन से पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। जहां लेडी पुलिस कांस्टेबल ने अपनी जान की बाजी लगाकर एक 50 साल की महिला की जान बचा ली। जरा सी देरी होती तो महिला ट्रेन के आगे बुरी तरह पिस जाती।

जैसलमेर (राजस्थान). यूं तो इंसान के जीने और मरने का समय भगवान ही तय करते हैं। लेकिन राजस्थान में एक महिला पुलिसकर्मी एक 50 साल की महिला के लिए भगवान या देवदूत बनकर आई जिसने महिला की जान बचा ली। घटना जैसलमेर के रेलवे स्टेशन की है। जिसका वीडियो सामने आया है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि यदि महिला पुलिसकर्मी नहीं होती तो 50 वर्षीय महिला जरूर ट्रेन के नीचे आ जाती।

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महिला को लेडी पुलिस ने यूं मौत के मुंह से बचा लाई

रेलवे पुलिस फोर्स की महिला कॉन्स्टेबल सुमन ने बताया कि स्टेशन पर जैसलमेर लालगढ़ ट्रेन खड़ी थी। जो लगभग प्लेटफार्म से रवाना होकर धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी। इसी दौरान एक महिला बच्ची के साथ ट्रेन में चढ़ने लगी। जिसने बच्ची को तो ट्रेन में चढ़ा दिया। लेकिन जब खुद ट्रेन में चढ़ने लगी तो उसका संतुलन बिगड़ गया। ऐसे में वह पटरी की तरफ गिरने लगी।

देवदूत बनी कांस्टेबल सुमन भी हुई जख्मी

सुमन ने तुरंत स्थिति को भाप लिया और तुरंत उस महिला को पकड़कर साइड में कर दिया। महिला को बचाने के चक्कर में सुमन खुद भी वहीं गिर गई। राखी गनीमत रही कि दोनों ही ट्रेन की पत्री के नजदीक नहीं गई। हालांकि इस घटना में कॉन्स्टेबल के हाथ में भी चोट आई। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य हालत ठीक है।

रेलवे पुलिसकर्मी अपनी जान की बाजी लगाकर बचा लेते हैं यात्रियों की जान

रेलवे के आंकड़ों की माने तो हर साल राजस्थान में रेलवे स्टेशन पर किसी तरह की कोई भी 20 से 30 हादसे होते हैं। करीब 90% हादसों में रेलवे पुलिसकर्मी ही यात्री की जान बचा लेते हैं। हालांकि नियमों के चलते उन्हें पुलिस की तरह प्रमोशन मिलने में देरी होती है।