Barmer Child Abuse: बाड़मेर के सेड़वा क्षेत्र के गुरुकुल में 11 साल के बच्चे को नींद में पेशाब करने पर गर्म सरिए से दागा गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी बाबा नारायणगिरी को गिरफ्तार कर लिया। कई बच्चों ने भी शोषण की बातें बताई हैं। 

बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में एक गुरुकुल में बच्चों के साथ अमानवीय बर्ताव का मामला सामने आया है। एक बाबा पर आरोप है कि उसने 11 साल के बच्चे को नींद में बिस्तर गीला करने पर गर्म लोहे की रॉड से दाग दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

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हरपालेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा का है ये गुरुकुल

जानकारी के अनुसार सेड़वा उपखंड के हरपालिया गांव स्थित हरपालेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित एक गुरुकुल में 11 वर्षीय बच्चा पढ़ाई करता था। बच्चे की आदत थी कि वह नींद में बिस्तर गीला कर देता था। इसी बात से नाराज़ होकर बाबा नारायणगिरी ने गर्म सरिए से उसकी जांघ पर दाग दिया। पीड़ित दर्द से चीखते हुए बाहर भागा और पास में मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी।

गुरुकुल के कई बच्चों के साथ होती हैवानियत

वीडियो वायरल, ग्रामीणों का हंगामा मासूम के पिता और ग्रामीणों ने बताया कि गुरुकुल में रह रहे अन्य बच्चों के साथ भी कई बार मारपीट और टॉर्चर किया जाता है। कुछ बच्चों ने खुलासा किया कि उन्हें बार-बार लोहे की रॉड से दागा गया है। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसके बाद गांव के लोग बड़ी संख्या में गुरुकुल पहुंच गए और गेट के बाहर जमकर हंगामा किया।

बाड़मेर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा

पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें चौहटन डिप्टी जीवनलाल ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी नारायणगिरी को हिरासत में ले लिया है। हालांकि अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई है। वहीं, ग्राम पंचायत सरपंच का कहना है कि इस बाबा के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी थीं, लेकिन ट्रस्ट की बदनामी के डर से मामले को दबा दिया गया था।

ट्रस्ट पर उठे सवाल

 गुरुकुल और हॉस्टल का संचालन मंदिर ट्रस्ट करता है। यहां 2022 से गरीब, अनाथ और घुमंतु परिवारों के करीब 25 बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं। लेकिन इस घटना के बाद ट्रस्ट की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आध्यात्मिक शिक्षा देने के नाम पर बच्चों को यातनाएं दी जा रही थीं। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।