पूरी दुनिया में अपने मेहमान नमाजी के लिए मशूहर जोधपुर एक ड्रग्स सेंटर बनता जा रहा है। यहां के युवा देसी तरीके से घर में ही ड्रग्स बनाकर उसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। जिसके चलते कईयों की तो मौत तक हो गई।

जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर जिले को हमेशा यहां के स्वागत सत्कार के लिए जाना जाता है। लेकिन राजस्थान का यह जिला लगातार नशे की लत के मामले में भी आगे बढ़ता जा रहा है। यहां एमडी ड्रग्स का भी युवा सेवन करने लगे हैं। हाल ही में यहां पुलिस ने एक सीमा नाम की महिला को गिरफ्तार किया था। जिसके पास से करीब एक करोड़ कीमत की एमडी ड्रग्स बरामद की गई थी। जो तीन चार तरह की सिंथेटिक केमिकल मिलाकर तैयार की गई थी।

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किसी की ड्रग्स से मौत तो किसी की एक्सीडेंट में मौत

इस तरह से तैयार ड्रग्स में नशीली गोलियों की मात्रा ज्यादा रहती है। जिसके चलते जल्दी से युवा नशे की चपेट में आ जाते हैं। जोधपुर के ही कुड़ी क्षेत्र के रहने वाले जितेंद्र को उसके दोस्त ने पान मसाला में ड्रग्स मिला कर दिया। जिसके बाद उन्हें ड्रग्स लेने की आदत हो गई और पाली से नशे में लौटते वक्त उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई। इतना ही नहीं ऐसे सुसाइड और एक्सीडेंट के कई मामले इस केमिकल वाले ड्रग्स की वजह से हुए। कई लोग तो उसका सेवन करने के लिए इसकी तस्करी के काम में भी लग चुके हैं।

केमिकल चूहे मारने वाली दवा मिलाकर तैयार करते ड्रग्स

बताया जाता है कि इस तरह की केमिकल वाली ड्रग्स का असर 6 से 7 घंटे तक रहता है। जैसे ही असर खत्म हुआ तो उसे दोबारा तालाब आती है। जो ड्रग्स 1500 रुपए की मिलती है। यदि उतनी ही मात्रा में केमिकल वाली ड्रग्स 700 रुपए में ही मिल जाएगी। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसमें जो कैमिकल मिलाए जाते हैं वह केमिकल चूहे मारने वाली दवा में भी मिलाए जाते हैं। यदि शरीर में इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है तो भी जान का खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं यह अंदर से शरीर के ऑर्गन्स को भी खत्म करने का काम करती है।