BSF Recruitment: केंद्र सरकार ने BSF में 4,000 नई भर्तियों को मंजूरी दी है। यह कदम विशेष रूप से पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ रोकने के लिए उठाया गया है। नई भर्तियों में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल और तकनीकी पद शामिल। 

Rajasthan News : देश की सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) की ताकत जल्द और बढ़ने वाली है। केंद्र सरकार ने BSF में 4,000 नई भर्तियों को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय विशेष रूप से पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। बता दें कि सबसे ज्यादा बॉर्डर वाले एरिया राजस्थान में हैं, इसलिए BSF में भर्ती होने के बाद सबसे ज्यादा जवानों की यहां तैनाती होगी। 

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद लिया यह फैसला

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने कुछ समय पहले वित्त मंत्रालय को BSF में 15,000 नए पदों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा था।यह फाइल लंबे समय से लंबित थी। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान BSF ने जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक के सीमावर्ती इलाकों में सेना के साथ मिलकर पाकिस्तान की गतिविधियों को करारा जवाब दिया था। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने फिलहाल 4,000 नई भर्तियों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

BSF में टोटल हैं कितने जवान?

  • BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बल के पास लगभग 2.18 लाख जवान हैं। नई भर्ती होने वाले जवानों को मुख्य रूप से पश्चिमी सीमा पर तैनात किया जाएगा, जहां घुसपैठ, ड्रोन से हथियार तस्करी और अन्य सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं।
  • इन नई भर्तियों में कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल से लेकर तकनीकी पदों तक विभिन्न भूमिकाएं शामिल होंगी। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित जवानों को आधुनिक हथियारों, निगरानी उपकरणों और उन्नत संचार तकनीकों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें सीमा पर बदलते हालात से निपटने के लिए रणनीतिक और सामरिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।

देश की सुरक्षा रणनीति में यह बड़ा कदम

  • विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पाकिस्तान सीमा पर BSF की मौजूदगी और प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करेगा। हाल के वर्षों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने के मामलों में वृद्धि हुई है, जिसके चलते चौकसी बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।
  • केंद्र सरकार के इस कदम को देश की सुरक्षा रणनीति में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। इससे न केवल BSF की ताकत बढ़ेगी, बल्कि सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल भी ऊंचा होगा।