राजस्थान की राजधानी जयपुर में 11 मंदिरों में आज एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस आयोजन के जरिए प्रशासन को चुनौती दी गई है। 

जयपुर। राजधानी जयपुर के 1100 मंदिरों में एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। यह कोई धार्मिक आयोजन नहीं था बल्कि लोगों ने इस आयोजन के जरिए प्रशासन को चुनौती दी है। दरअसल राजधानी जयपुर के परकोटे में 29 सितंबर को हुई घटना के बाद सामाजिक तत्वों ने वहां तोड़फोड़ की और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके विरोध में 4 अक्टूबर को बड़ी चौपड़ पर धरना भी दिया गया था। 

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इस दौरान जयपुर बचाओ संघर्ष समिति ने कई मांग रखी थी जिनमें उन्होंने कहा था कि जयपुर की शांति व्यवस्था से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि कोई दोषी है तो उसे सजा मिले लेकिन निर्दोष बेमतलब में दोषी साबित न हो जाएं।

इस आयोजन में राजधानी जयपुर के गोविंददेव मंदिर, खोले के हनुमान, घाट के बालाजी, काले हनुमान,पापड़ के हनुमान सहित 1100 मंदिर शामिल रहे। जिनमें सैकड़ो की संख्या में जयपुर वासी मौजूद रहे। जयपुर संघर्ष समिति के पदाधिकारी का कहना है कि यह हनुमान चालीसा का पाठ इसलिए किया गया है कि एक तो प्रशासन जल्द से जल्द हमारी मांगों पर ध्यान दें और दूसरा प्रशासन के लोगों को सद्बुद्धि आए जिससे कि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

वहीं इससे पहले बीते दिनों राजधानी जयपुर में बड़ी चौपड़ तक जयपुरवासियों ने जयपुर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया था। वहीं पूरे प्रकरण में पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है। जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।