Churu shocking crime : राजस्थान के चूरू में 13 साल के एक लड़के पर 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा है. बच्ची के माता-पिता खेत में काम कर रहे थे, तभी यह घटना घटी. आरोपी लड़का मोबाइल एडिक्ट बताया जा रहा है.

Churu shocking crime : राजस्थान में चूरू जिले के सदर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 13 वर्षीय मोबाइल एडिक्ट लड़के पर अपने ही परिवार की आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा है। यह घटना 16 जून को उस समय हुई जब बच्ची के माता-पिता खेत पर गए हुए थे और वह अपनी छोटी बहन के साथ घर पर अकेली थी, इस घटना ने न केवल परिवार, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी हैरान कर दिया है।

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बच्ची की आपबीती सुनकर खड़े हो गए रोंगटे

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां ने महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 16 जून को जब वे खेत पर थे, तभी 13 वर्षीय आरोपी बालक, जो रिश्ते में बच्ची की मां का पोता लगता है, घर आया. उसने बच्ची के साथ मारपीट की और फिर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। देर शाम जब माता-पिता घर लौटे, तो डरी-सहमी बच्ची ने उन्हें आपबीती सुनाई. घटना सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे तुरंत पीड़िता को लेकर महिला थाना पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता और उसकी मां की शिकायत के आधार पर आरोपी नाबालिग के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपी 'मोबाइल एडिक्ट' होने का खुलासा

 पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आरोपी नाबालिग मोबाइल का अत्यधिक आदी है. इस तथ्य ने इस घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह एक उभरती हुई। सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है जहां अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। पुलिस अब इस पहलू पर भी गहराई से जांच कर रही है।

मेडिकल जांच में परिजनों की अनिच्छा से उलझन

 मामले की जांच में एक नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के परिजनों ने मेडिकल जांच करवाने से इनकार कर दिया. पुलिस के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड का गठन कर लिया गया है, लेकिन परिजनों की अनिच्छा के कारण इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बाधा आ रही है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट इस मामले में अहम सबूत साबित हो सकती है।

नाबालिग हिरासत में, बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशी 

पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है. उसे जल्द ही बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां उसके भविष्य के संबंध में निर्णय लिया जाएगा. पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है और सभी संभावित कोणों से जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है. यह घटना समाज में बच्चों के प्रति अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न होने वाले खतरों पर गंभीर चिंतन की मांग करती है।