जोधपुर जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर शख्स को गिरफ्तार किया है, जो एसबीआई बैंक के योने ऐप की केवाईसी करने के नाम पर लोगों के खाते से लाखों रुपए उड़ा लेता था। आरोपी को झारखंड से हिरासत में लिया गया है।

जोधपुर. बैंक ऐप की केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक शातिर जालसाज को थाना मथानिया पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। ठगी के संबंध में एक पीड़ित युवक ने एक महीने पहले 4.32 लाख रुपये की धोखाधड़ी किये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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एक लिंक भेजा और खाते से उड़ गए लाखों रुपए

डीसीपी ईस्ट डॉ अमृता दुहन ने बताया कि पकडा गया आरोपी पना लाल तुरी , झारखण्ड के गिरिडीह जिले में थाना मुफसिल क्षेत्र के गांधीनगर बनियाडीह का रहने वाला है। साइबर ठगी के संबंध में 9 जनवरी को थाना मथानिया निवासी सुमेर पवार में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी रिपोर्ट में बताया गया कि योनो एप की केवाईसी अपडेट करने की कह उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया।

ठगी के बाद बैंक अफसर हुए अलर्ट

ई-केवाईसी के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उसके मोबाइल एक्सेस प्राप्त कर रिमोट सिस्टम से 432498 रुपए का ट्रांजैक्शन कर लिया। रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर उसी समय थाना पुलिस द्वारा साइबर पोर्टल और 1930 पर कंप्लेंट दर्ज करवा समस्त ट्रांजैक्शन फ्रीज करवाए गए। डीसीपी डॉ दुहन ने बताया कि थाना अधिकारी मथानिया राजीव भादू के नेतृत्व में प्रोबेशनर एसआई महेंद्र कुमार व कांस्टेबल मंगतूराम एवं बलवंत राम की एक विशेष टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा लाभान्वित विभिन्न बैंक खातों व क्रेडिट कार्ड की जानकारी कर इनके नोडल ऑफिसर से संपर्क कर ट्रांजैक्शन होल्ड कराया गया। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपी पना लाल तुरी को झारखंड से दस्तयाब कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

ऐसे शातिर तरीके से लोगों को लगाते थे चपत

आरोपी ने करीब 2 लाख का ट्रांजैक्शन अपने क्रेडिट कार्ड में किया था, इससे यह क्रेडिट कार्ड बरामद किया गया। इनके गिरोह के व्यक्ति लोगों को मैसेज के जरिए लिंक भेज कर उनके मोबाइल को रिमोट सिस्टम पर लेकर क्रेडिट कार्ड का बिल भरते हैं। बाद में क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर नकद रकम प्राप्त कर लेते हैं। इसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।