गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई को दो दिन पहले पंजाब की जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर जयपुर लाया गया है। उसे 7 दिन की रिमांड पर रखा है। लेकिन लॉरेंस ने जेल के अंदर से ही एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। जिसको लेकर पुलिस एक्शन में आ गई है। 

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई को हवालात में बंद किया गया है। जयपुर पुलिस उसे दो दिन पहले प्रोडक्शन वारंट पर जयपुर लाई थी पंजाब से। अब पंजाब से जयपुर आने के बाद उसे जयपुर के जवाहर सर्किल थाने की हवालात में रखा गया है। पुलिस उससे कुछ उगलवा पाती इससे पहले उसने पुलिस के लिए ही परेशानी खड़ी कर दी है। उसने पुलिस के खिलाफ कोर्ट की शरण ले ली है। कोर्ट में उसने पुलिस को झूठा साबित करने की तैयारी कर ली है। कोर्ट ने लॉरेंस की याचिका को ले लिया है और इस पर मंगलवार 21 फरवरी को सुनवाई होनी है। लॉरेंस के वकील दीपक चैहान हैं।

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जयपुर के जी क्लब पर हुई फायरिंग लॉरेंस के कहने पर

दरअसज कुछ सप्ताह पहले जयपुर के जवाहर सर्किल थाना इलाके में स्थित जी क्लब पर फायरिंग हुई। इस फायरिंग में 17 गोलियां चलाई गई। फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस के भाई अनमोल और लॉरेंस के गुर्गे रितिक बॉक्सर ने ली। पुलिस ने फायरिंग करने वाले तीन बदमाशों को दबोचा। उनसे इनपुट मिला कि लॉरेंस के कहने पर सब हो रहा है। ऐसे में पुलिस ने लॉरेंस को जयपुर लाने की तैयारी शुरू कर दी और दो दिन पहले पंजाब की एक जेल से उसे प्रोडेक्शन वारंट पर जयपुर ले आया गया। सात दिन की रिमांड भी ले ली गई।

अब लॉरेंस ने खड़ी कर दी पुलिस के लिए ये बड़ी परेशानी, अफसर हैरान

लॉरेंस ने अपने वकील की मदद से कोर्ट की याचिका दायर की है। उसका कहना है कि वह 15 जून 2022 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। इस दौरान से पंजाब ले जाया गया मूसेवाला मर्डर में पूछताछ के लिए। उसके बाद 21 जनवरी 2023 को उसे पंजाब की ही भटिडा जेल एक अन्य मामले में पूछताछ के लिए लाया गया। अब उसे जयपुर ले आया गया है। उसने कहा कि दिल्ली से निकलने के बाद ही पंजाब पुलिस हर दिन की वीडियो रिकॉर्डिग करा रही है। जेल के अंदर हर गतिविधी को रिकॉर्ड कर रही है। मै क्या खाता हूं, किससे बात करता हूं, कहां जाता हूं, सब कुछ पंजाब और दिल्ली पुलिस के पास रिकॉर्डिग में है। ऐसे में मैं जब हर समय सर्विलांस पर रहा तो जयपुर में फायरिंग के लिए जेल से ही गैंग को कैसे ऑपरेट किया जा सकता है। इसी सवाल को लेकर वह जयपुर की कोर्ट में चला गया है और जयपुर पुलिस के लिए यह सवाल गले की घंटी बनता जा रहा है।