राजस्थान में यह चुनावी साल है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर से सरकार की वापसी कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अब सीएम ने प्रदेश के हजारों टीचर को होली का तोहफा देते हुए उनकी सैलरी बढ़ा दी है।

जयपुर. होली के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के हजारों टीचर्स को होली का उपहार दिया है और उनका वेतनमान बढ़ा दिया है। बढ़ा हुआ वेतनमान इसी महीने से देय होगा यह भी कहा गया है। वेतन बढ़ाने के अलावा और भी कुछ बदलाव किए गए हैं। सीएम ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए जारी की है।

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गावों-कस्बों पर लगाए गए खास टीचर को मिलेगा फायदा

दरअसल राजस्थान में सरकारी शिक्षकों के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक हैं जो सरकारी शिक्षक नहीं हैं लेकिन काम उसी तरह से करते हैं। गावों, कस्बों और अन्य जगहों पर लगाए गए इन टीचर्स को सरकार ने तोहफा दिया है। सरकार ने शिक्षाकर्मी, पैराटीचर, ग्राम पंचायत सहायक और मदरसा पैराटीचर का मानदेय यानि वेतन बढ़ा दिया है। इन सभी कर्मचारियों का वेतन अब 16900 रुपए कर दिया गया है। पहले ये काफी कम था लेकिन इसे बढ़ा दिया गया है। सीएम ने कहा कि ये शिक्षक लगातार मेहनत करते हैं, उनको उचित मानदेय देना सरकार का फर्ज है।

जानिए अब किसे कितने रुपए मिलेंगे

सरकार ने वेतनमान बढ़ाने का यह काम राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स.2022 के तहत यह वेतनमान बढ़ाया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायत सहायकों, शिक्षाकर्मियों, पैराटीचर्स और मदरसा पैराटीचर्स के मासिक मानदेय बढाया गया है। इस बढ़ाऐ हुए वेतनमान का लाभ बीएड, बीएसटीसी और डीएलएड की शैक्षणिक योग्यता वाले संविदाकर्मियों को देय होगा। वेतनमान बढ़ाने के अलावा अब पदनाम भी बदल दिए गए हैं सरकार के द्वारा। नए पदनाम के अनुसार अब शिक्षाकर्मी को सहायक शिक्षक, पैरा टीचर को कनिष्ठ शिक्षक, ग्राम पंचायत सहायक को पंचायत शिक्षक और मदरसा पैराटीचर को शिक्षा अनुदेशक कर दिया गया है। इसके अलावा सरकार ने 9 18 और 27 का लाभ देने के भी आदेश निकाले हैं। अब उपरोक्त में से किसी भी पद पर काम करने वाले संविदाकर्मी को नौ साल पूरे होने पर 29 हजार 600 और 18 साल पूरे हो जाने पर 51 हजार 600 रुपए देय होगा।