पाकिस्तान से बढ़ती ड्रोन घुसपैठ को रोकने के लिए BSF ने एक नया तरीका खोज निकाला है। इसमें एक खास तरह की सर्चलाइट के साथ इन्सास राइफल का इस्तेमाल किया गया है जो ड्रोन को आसानी से मार गिरा सकती है। इस नई तकनीक को सीमा पर कई जगहों पर तैनात किया गया है।

Indo-Pak Border: पाकिस्तान आए दिन भारतीय सरजमीं पर ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी को अंजाम देता आ रहा है। इस मामले में बढ़ोतरी भी देखी गई है। इसी बीच बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने एक नया जुगाड़ तैयार किया है, जो भारतीय सीमा में घुसने वाले पाकिस्तानी ड्रोन को ध्वस्त करने में सक्षम है।

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भारतीय सेना ने लोहे के स्टैंड पर स्पेशल तरीके का तेज रोशनी वाली सर्च लाइट लगाया है। इसकी सबसे खास बात ये है कि इसमें एक भारतीय निर्मित इन्सास राइफल भी जुड़ी हुई है, जो स्टैंड की मदद से 360 डिग्री तक घूम सकती है, जो महज 1 मिनट में 600-650 राउंड फायर करने में सक्षम है।

कैसे काम करता है सर्च लाइट?

जब कोई पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसता है तो सर्च लाइट उसकी ओर तान दी जाती है। इसके बाद इन्सास राइफल से लगातार फायरिंग शुरू हो जाती है। इतनी तेज फायरिंग से ड्रोन का बच पाना मुश्किल होता है, जिसे सफल परीक्षण करने के बाद लगाया गया है।

कहां-कहां लगाया गया है?

BSF ने इस जुगाड़ को श्रीगंगानगर जिले के कई सेक्टर में कई संवेदनशील स्थानों और बीओपी पर तैनात किया है। इसके अलावा, ड्रोन का पीछा करने के लिए बाइक और चौपहिया वाहनों से जोड़ा गया है।

क्यों है खास BSF का नया जुगाड़?

BSF के नए जुगाड़ में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश उपकरण भारत में बने हुए है, जो मेक इन इंडिया से प्रेरित है। ये जुगाड़ पाकिस्तानी ड्रोन को ध्वस्त करने में काफी प्रभावी साबित हो रहा है। BSF ने इसे DRDO की एंटी-ड्रोन तकनीक मिलने से पहले ही तैयार कर लिया था। ये सीमा पर ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी के खिलाफ एक बड़ा हथियार साबित होगा और भारतीय सीमा की सुरक्षा को मजबूत करेगा।

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