एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में एक नए मोड़ के साथ, 7 साल जेल की सजा काट चुके IPS अधिकारी दिनेश एनएम की एंट्री हुई है। राजस्थान से मुंबई तक फैले इस आपराधिक नेटवर्क की तह तक जाने के लिए पुलिस जांच जारी है।

जयपुर. हाल ही में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा में हुई इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। इस मामले में अब तक 10 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें से हाल की गिरफ्तारी भगवंत सिंह की हुई है, जो नवी मुंबई से पकड़ा गया। पुलिस की जांच में यह पता चला है कि हत्या के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार राजस्थान के उदयपुर से लाए गए थे।

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बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे है राजस्थान कनेक्शन

पुलिस के अनुसार, भगवंत सिंह को हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी के साथ हथियार लेकर उदयपुर से मुंबई लाया गया था। इसके बाद से ही पुलिस की जांच राजस्थान की ओर बढ़ गई है। यह संकेत मिल रहे हैं कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के पीछे एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा है, जिसका मुख्य केंद्र राजस्थान है। जानकारों का मानना है कि लॉरेंस बिश्नोई का क्राइम नेटवर्क राजस्थान में काफी मजबूत हो चुका है, जो विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है।

मुंबई पुलिस की जांच में हो रहे चौंकाने वाले खुलासे

इस मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की 15 टीमें अलग-अलग एंगल पर जांच कर रही हैं। सभी आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं और उनकी रिमांड अवधि 25 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। यह संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी कई नए खुलासे हो सकते हैं।

IPS दिनेश एनएम करेंगे अब लॉरेंस गैंग का खात्मा

राजस्थान सरकार ने लॉरेंस गैंग और अन्य गैंगस्टर्स की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर एक एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व IPS अधिकारी दिनेश एनएम कर रहे हैं, जो अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, इस गैंगस्टर नेटवर्क को समाप्त करने में कितनी सफलता मिली है, इस पर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

IPS एनकाउंटर केस में 7 साल जेल में बंद रहा

दिनेश एमएन वह आईपीएस अधिकारी है जो खुद एक एनकाउंटर केस में 7 साल जेल में बंद रहे थे। बाद में उन्हें कोर्ट ने बरी किया था । फिलहाल दिनेश एमएन राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर संभालने वाले सबसे बड़े अधिकारी हैं । वह एडीजी के पद पर तैनात हैं। लॉरेंस बिश्नोई और उसकी गैंग से एमएन का कई बार सामना हो चुका है।