राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां की पुलिस ने एमपी के तीन चरवाहों को डकैतों के चंगुल से मुक्त कराया। धौलपुर-करौली-एमपी पुलिस का घेरा बढ़ते देख अपह्रतों को छोड़ भागे, फिर भी पुलिस की गिरफ्त में हथियार सहित तीन आरोपी।

जयपुर (jaipur). कोई आपसे कहे की आज के जमाने में भी डकैत होते है क्या? तो शायद आपका जवाब होगा नहीं, लेकिन राजस्थान और एमपी की बॉर्डर में इसके उलट नजारा देखने को मिला। यहां राजस्थान की धौलपुर-करौली पुलिस, क्यूआरटी तथा मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में पुलिस की टीम ने थाना विजयपुर क्षेत्र से अगवा किए गए 3 चरवाहों को खुशहालपुर के जंगलों से डकैतों के सकुशल छुड़ा लिया। पुलिस की सघन कॉम्बिग से घबराकर डकैत उन्हें छोड़कर भाग गए।

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पुलिस को दिया इनाम

मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक राइफल व दो जिंदा राउंड बरामद किए हैं। पूरे रेस्क्यू मिशन में सफलता मिलने के बाद राजस्थान DGP उमेश मिश्रा ने पुलिस टीम को बधाई दी। मध्य प्रदेश के एडीजी क्राइम ने राजस्थान पुलिस के सराहनीय कार्य के लिए धौलपुर पुलिस को 15 हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया है।

ये है पूरा मामला

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में थाना विजयनगर से 3 चरवाहों को फिरौती के लिए अगवा कर लिया गया। अपहरण कर्ताओं की लोकेशन चंबल बीड़ क्षेत्र के थाना सरमथुरा, सोने का गुर्जा एवं करौली के मंडरायल आने पर मध्य प्रदेश के एडीजी क्राइम की सूचना पर धौलपुर एसपी धर्मेंद्र सिंह तथा श्योपुर एसपी आलोक कुमार की निगरानी में विशेष अभियान चलाया गया।

स्पेशल टीम ने पूरे इलाके की सर्चिंग की

थानाधिकारी बाड़ी सदर हीरालाल के साथ साइबर सेल, डीएसटी, क्यूआरटी टीम एवं मध्य प्रदेश पुलिस के एसआई विकास तोमर भारत सिंह गुर्जर, हिमांशु भार्गव के नेतृत्व में आई टीम द्वारा 17 जनवरी को चंबल के बीहड़ तथा डांग क्षेत्र के गांव चंदेली, सामरदा, अरौरा, चिरमिल, कसेड, मुरीला, मंडरायल, कूना के जंगल, श्योपुर खुशहालपुर, रिछरा व सरमथुरा के जंगल में जगह-जगह दबिश दी गई। इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर पूछताछ की गई।

खुशहालपुर के जंगल में छुपे थे डकैत

20- 21 जनवरी की देर रात खुशहालपुर के जंगल में डकैत बीरू उर्फ वीरेंद्र नाई निवासी निजामपुर थाना बाड़ी सदर एवं उसके भाई सोनू और 5-6 अन्य हथियार बंद बदमाशों के होने की सूचना मिलने पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर दी। पुलिस की घेराबंदी बढ़ती देख बदमाश अगवा किए गए चरवाहों रामस्वरूप यादव, भत्तु बघेल एवं गुड्डा बघेल को जंगल में छोड़ कर फरार हो गए, जिन्हें पुलिस द्वारा दस्तयाब कर एमपी पुलिस को सौंपा गया। बाद में एमपी पुलिस द्वारा घटना में शामिल तीन आरोपियों को असलाह समेत गिरफ्तार किया गया है।