राजस्थान में अपनी सरकार रिपीट करने में लगे सीएम अशोक गहलोत ने एक बार फिर बड़ी घोषणा कर दी है। इसका लाभ प्रदेश के 1 करोड़ से अधिक परिवार को मिलेगा। पर इसके लिए परिवार को 24 अप्रैल को लगने वाले महंगाई राहत शिविर में कराना होगा रजिस्ट्रेशन।

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जयपुर (jaipur). मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार के दिन जयपुर में मीडिया के सामने गरीब परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की है। सीएम ने एक करोड़ 60 हजार परिवारों के लिए महंगाई से राहत दिलाने के लिए बड़ा महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उन्होंने गरीब परिवारों को अन्नपूर्णा फूड पैकेट देने की घोषणा की है। अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना में गरीब परिवारों को पात्र माना जाएगा। यह परिवार 24 अप्रैल से पूरे राजस्थान में लगने वाले महंगाई राहत शिविर में अपने सरकारी दस्तावेज ले जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। मौके पर मौजूद अधिकारी यह तय करेंगे कि इन परिवारों को अन्नपूर्णा फूड पैकेट मिलेंगे या नहीं। हालांकि अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि अन्नपूर्णा फूड पैकेट हर सप्ताह मिलेंगे या हर दिन सरकार इसका वितरण करेगी।

फ्री फूड पैकेट में मिलेगा ये सब

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम से जुड़े परिवारों को अन्नपूर्णा फूड पैकेट के लिए प्राथमिकता दी जाएगी । इस योजना से सरकार पर करीब 400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। प्रत्येक पैकेट में चने की दाल , चीनी, नमक, खाद्य तेल, मिर्च पाउडर, धनिया , हल्दी के 100 ग्राम से लेकर 1 किलो तक के पैकेट होंगे । यह फूड पैकेट करीब 375 रुपए के पड़ेंगे। सभी तरह की लागत सरकार के द्वारा वहन की जाएगी।

यहां से लोग प्राप्त कर पाएंगे पैकेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में सहकारिता विभाग द्वारा सरकारी तरीके से सामान खरीदा जाएगा और उसके बाद उनके पैकेट बनाए जाएंगे। इन पैकेट को उचित मूल्य की दुकानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। बाद में इनका वितरण खाद्यान्न एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के द्वारा किया जाएगा। इस पूरी योजना की मॉनिटरिंग सरकार के स्तर पर सहकारिता विभाग द्वारा ही की जाएगी।

1 परिवार को मिलेंगे इतने पैकेट

सरकारी अफसरों का कहना है कि यह फूड पैकेट हर हफ्ते एक बार एक परिवार को दिया जाएगा, अधिकतम एक परिवार को 1 महीने के अंदर 5 - 6 फूड पैकेट वितरित किए जाएंगे। हालांकि अंतिम फैसला सहकारिता विभाग के अधिकारियों द्वारा ही लिया जाएगा। लेकिन सरकार की इस योजना से सरकार पर करोड़ों रुपयों का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

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