राजस्थान में कांग्रेस की जीत के लिए दिल्ली में बैठी आलाकमान ने विधानसभा 2023 चुनाव के लिए एक नया फार्मूला लागू करने जा रही है। इस फार्मूले के आधार पर उन्हीं नेताओं के एमएलए बनने का मौका दिया जाएगा जो ग्राउंड लेवल पर काम करने वाला हो।

जयपुर (jaipur news). राजस्थान में अब विधानसभा चुनाव में करीब 4 महीने से भी कम का समय बाकी है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही राजस्थान में अपना प्रचार जोर-शोर से करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसी बीच राजस्थान में कांग्रेस पार्टी अपने टिकट की मांग करने वाले नेताओं के लिए एक नया फार्मूला लागू करने जा सकती है। इस फार्मूले के बाद राजस्थान में उन्हीं नेताओं को कांग्रेस का टिकट मिल जाएगा जो ग्राउंड पर काम करने वाले हो। वह नहीं कि जो केवल स्टेट के बड़े लीडर से अच्छी सांठगांठ रखते हो और लगातार खुद को टिकट दिलवाने के लिए उनसे पैरवी करते हो।

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कांग्रेस पार्टी कर्नाटक चुनाव का फार्मूला राजस्थान में करेगी लागू

दरअसल कर्नाटक में भी कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव में कुछ इसी तरह की प्लानिंग लागू की। जिसके तहत स्टेट के नेताओं ने रायशुमारी करके कई नाम तो बताएं लेकिन टिकट वितरण का फैसला केंद्रीय नेताओं यानी आलाकमान के हवाले ही कर दिया। ऐसे में अब राजस्थान में भी कांग्रेस पार्टी यही फार्मूला लागू करने जा सकती है। आपको बता दें कि चुनावों से पहले हर पार्टी स्टेट में सर्वे भी करवाती है। जिसमें उन्हें पता चलता है कि कौन सा नेता अपने इलाके में कितना प्रभावी है।

कांग्रेस पार्टी आलाकमान राजस्थान में करेगी नेताओं के टिकट का वितरण

ऐसे में यदि केंद्रीय आलाकमान अपने स्तर पर टिकट का वितरण करता है तो वह सर्वे की रिपोर्ट को भी ध्यान में रखेगा जिससे पता चल सके कि आखिरकार कौन सा नेता अपने इलाके में ज्यादा प्रभावी रहा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यदि केंद्रीय नेतृत्व टिकट वितरण करता है तो प्रदेश के बड़े नेताओं की भी चलने वाली नहीं है।

वहीं बात करें गत चुनाव की तो राजस्थान में टिकट का वितरण प्रदेश स्तर पर ही किया गया था। जिसका नतीजा निकला कि ज्यादातर टिकट पुराने नेताओं को ही बांटी गई। लेकिन राजस्थान में इस बार यह टूट सकता है। ऐसे में उन नेताओं को भी टिकट मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत हो और लगातार ग्राउंड पर अपनी पकड़ बनाए हुए हो।

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