राजस्थान के जोधपुर से आई दर्दनाक खबर ने हर किसी को झकझोर के रख दिया है। जहां एक शादी वाले घर में मातम की चीखें सुनाई दे रही है। जिस दिन दूल्हा अपनी दुल्हन को लेने के लिए जाने वाला था, अब उस दिन उसकी तेरहवीं हो रही है। 

जोधपुर. शादी के दिन दूल्हे के घर पर ढोल नगाड़े बसते रहते हैं। पूरे परिवार के लोग जश्न में डूबे रहते हैं। लेकिन राजस्थान का एक दूल्हा ऐसा भी था जिसके शादी के दिन घर में जश्न बल्कि मातम छाया रहेगा। क्योंकि दूल्हा अब इस दुनिया में नहीं रहा है। उसके शादी के दिन ही उसका बारहवां होगा। इसके बाद शोक खोलने के लिए परिवार वाले मंदिर जाएंगे।

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मकर सक्रांति के दिन हो गई थी मौत

हम बात कर रहे हैं राजस्थान के जोधपुर जिले के बालेसर इलाके के रहने वाले दूल्हे लेक्चरर भोम सिंह की। जिसकी मकर सक्रांति के दिन सड़क हादसे में मौत हो गई। दरअसल भोम सिंह अपनी ही 26 जनवरी को होने वाली शादी के कार्ड देने के लिए अपने दोस्तों के पास जालौर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भोम सिंह की बारात बाड़मेर जानी थी। लेकिन अब उसकी पत्नी और ससुराल वाले शादी के दिन उसके घर पर उसी का मातम मनाने के लिए आएंगे।

दूल्हे की मौत के बाद पूरे घर में मातम छाया

दरअसल भोम सिंह छोटी उम्र में ही लेक्चरर की नौकरी लग गया। भोम सिंह के पांच बड़ी बहनें हैं। इकलौते भाई की शादी को लेकर सभी 20 जनवरी तक अपने घर आने वाली थी। लेकिन मकर सक्रांति के अगले ही दिन उन्हें भाई का मातम मनाने आना पड़ा। बहनों और परिवार वालों को तो शादी का इतना क्रेज था कि उन्होंने 3 महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। परिजनों के मुताबिक इस शादी में 15 लाख रुपए का खर्च आने वाला था। बरहाल अब दूल्हे की मौत के बाद पूरे घर में मातम छाया हुआ है। वही दुल्हन घटना के इतने दिन बाद भी सदमे से बाहर नहीं आ पाई है।