जोधपुर AIIMS में एक युवक को उसकी माँ की किडनी बिना चीरा लगाए ट्रांसप्लांट की गई। यह राजस्थान में अपनी तरह का पहला मामला है। माँ की किडनी गुप्तांग से निकालकर बेटे को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई।

जोधपुर. राजस्थान में एम्स जैसे संस्थान चिकित्सा के मामले में रोज नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। आज देशभर में जोधपुर का एम्स चर्चा में है। जहां पर बिना कोई चीरा लगाए महिला के शरीर से उसकी किडनी निकाली गई। इतना ही नहीं यह किडनी उनके बेटे को लगा दी गई।

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मां की किडनी ट्रांसप्लांट करके बेटे को लगाई

एम्स के यूरोलॉजिस्ट डिपार्टमेंट के डॉक्टर महेंद्र ने बताया कि उदयपुर के 32 साल के युवक को हाइपरटेंशन के चलते किडनी खराब होने की शिकायत थी। ऐसे में वह अस्पताल में इलाज के लिए आया था। यहां सभी तरह की जांच होने के बाद उसे एडमिट कर लिया गया और किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी गई। इसके बाद अब उसकी मां की किडनी ट्रांसप्लांट करके युवक को लगाई गई है।

गुप्तांग में बिना चीरा लगाए निकाल ली किडनी

युवक को किडनी उसकी मां जिनकी उम्र 50 साल है उन्होंने दी। पहली बार इस तकनीक से ट्रांसप्लांट किया गया। ऑपरेशन में करीब 3 घंटे का समय लगा। वैसे तो हमेशा किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन दूरबीन के जरिए किया जाता है जिसमें एक छोटा सा चीरा लगाया जाता है, लेकिन पहली बार इस केस में महिला के गुप्तांग में बिना चीरा लगाए किडनी को निकाला गया और फिर उनके बेटे को किडनी लगाई गई। दो दिन बाद ही किडनी देने वाली महिला को भी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

जोधपुर एम्स में यह पहला ऐसा मामला

यह पहला ऐसा मामला है जब राजस्थान में इस तरह का ट्रांसप्लांट हुआ हो। अब तक करीब 52 सफल किडनी ट्रांसप्लांट जोधपुर एम्स में किया जा चुके हैं। जोधपुर एम्स में आयुष्मान योजना के तहत ट्रांसप्लांट निशुल्क किया जाता है। राजस्थान में जोधपुर एम्स ही नहीं बल्कि अन्य शहरों में संचालित एम्स के द्वारा लगातार स्वास्थ्य और चिकित्सा के मामले में नए-नए परीक्षण किए जाते हैं। बरहाल अब देखना होगा कि क्या राजस्थान में अन्य अस्पतालों में भी इस तरह की ट्रांसप्लांट सुविधा मुहैया करवाई जा सकेगी या नहीं।