जयपुर के पुलिस के सामने भारी संख्या में कावड़िये धरने पर बैठ गए हैं। क्योंकि रविवार को कावड़ियों को डीजे बजाने से रोकने के बाद विवाद हो गया था। जिसके चलते पुलिस ने डीजे जब्त कर लिया। इसके बाद कांवड़ियों ने धरने देना शुरू कर दिया। 

जयपुर. सावन का महीना आते ही राजस्थान में एक नई समस्या शुरू हो गई है, जिसके चलते हर रोज हजारों कावड़िया परेशान होते हैं । ताजा मामला राजधानी जयपुर का है। जयपुर में रविवार को दोपहर 2:00 बजे से हंगामा शुरू हुआ जो रात को करीब 10:00 बजे तक जारी रहा। उसके बाद आज फिर से हंगामा हुआ ।

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जयपुर में पुलिस ने कावड़ यात्रा का डीजे जब्त किया

दरअसल जयपुर कमिश्नरेट इलाके में सड़क पर डीजे बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसी कारण रविवार को हजारों कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ा । जयपुर के ग्रामीण इलाके बगरू थाना क्षेत्र के रहने वाले हजारों शिवभक्त कल मलेश्वर धाम समोद से शुद्ध जल लेकर जयपुर के लिए रवाना हुए। जिस दौरान कावड़िया ग्रामीण क्षेत्र में रहे उस समय डीजे बजता चला गया। सड़कों पर भगवान शिव के भजन बजते रहे, जैसे ही बगरू थाना इलाके में कावड़िया पहुंचे तो पुलिस ने डीजे बंद करा दिया जब्त कर लिया । दोपहर से लेकर रात तक कावड़िया थाने के बाहर बैठे रहे और विरोध प्रदर्शन करते रहे। उसके बाद रात में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की।

कावड़िये बोले- नेताओं की रैली में तो खूब डीजे बजा था

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट इलाके समेत राज्य के लगभग अधिकतर जिलों में डीजे बंद कर दिया गया है। इस बीच कावड़ियों का कहना था कि जब नेता लोग डीजे बजाते हैं, तो उन्हें कोई भी क्यों नहीं रोकता, क्यों हमेशा आस्था के ऊपर ही चोट की जाती है। पूर्व संसदीय सचिव कैलाश वर्मा ने कहा कि सावन के महीने में भगवान शिव की भक्ति के दौरान अगर भक्त लोग डीजे बजाते हैं तो इसमें बुरा क्या है। डीजे बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार दोहरी नीति पर क्यों चलती है।

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