कोटा में रहकर जेईई के साथ 12 वीं पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया है। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा सॉरी मम्मी पापा यही लास्ट ऑप्शन था।

कोटा. कोचिंग सिटी कोटा से इस महीने दूसरी बुरी खबर आई है। पिछले दिनों इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश के छात्र ने सुसाइड किया था। अब कोटा की ही रहने वाली एक छात्रा ने सुसाइड किया है। वह 18 साल की थी। कोटा में अपने ही घर पर रहकर JEE की तैयारी कर रही थी। साथ ही कक्षा 12वीं की भी पढ़ाई कर रही थी। पुलिस का मानना है कि दो तरफा प्रेशर के चलते छात्रा ने अपनी जान दे दी। उसने माता-पिता के लिए एक लेटर भी छोड़ा है, इस सुसाइड नोट के आधार पर अब पुलिस ने पड़ताल शुरू की है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जेईई की तैयारी कर रही थी छात्रा

कोटा जिले की बोरखेड़ा थाना पुलिस ने बताया कि बोरखेड़ा इलाके में ही रहने वाली निहारिका JEE की तैयारी कर रही थी। उसका JEE advance का एग्जाम 31 जनवरी को होना था वह कक्षा 12 के साथ ही jee एडवांस्ड की ऑनलाइन तैयारी कर रही थी और हर रोज 8 से 10 घंटे की पढ़ाई कर रही थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह तनाव में थी। उसे यह डर था कि कहीं उसका पेपर बिगड़ ना जाए।‌

सुसाइड नोट में लिखा यही था लास्ट ऑप्शन

पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला उसमें लिखा हुआ था कि मम्मी पापा मेरे पास जान देने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है, मैं jee नहीं कर सकती हूं, मैं एक खराब बेटी हूं, मेरे पास यही आखिरी विकल्प है। चार लाइन के इस सुसाइड नोट के पास ही निहारिका की लाश मिली है। आज सवेरे जब निहारिका ने काफी देर तक कमरा नहीं खोला तो परिवार ने जबरदस्ती दरवाजा तोड़ा। वहां निहारिका की लाश पड़ी थी।‌ पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने तुरंत मुर्दाघर में शव रखवाया है। इस मामले में पुलिस जांच में जुट गई है।

इंजीनियरिंग और डॉक्टर की पढ़ाई करने आते स्टूडेंट

उल्लेखनीय है कि पिछले साल डॉक्टरी और इंजीनियरिंग करने आए 29 छात्रों ने कोटा में सुसाइड किया था। कोटा में हर साल लाखों छात्र देशभर से डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना लेकर आते हैं। कुछ इसमें सफल होते हैं और कुछ दूसरे विकल्प तलाशते हैं। लेकिन प्रेशर और तनाव के चलते अब सुसाइड के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इस मामले में पुलिस और प्रशासन द्वारा सुसाइड केस को रोकने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। लेकिन वे भी असर नहीं कर रहे हैं।