राजस्थान में विधानसभा चुनाव का इतिहास रहा है कि यहां कभी भी 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव नहीं हुए हैं। 2018 के चुनाव में बसपा के रामगढ़ प्रत्याशी और 2013 में चूरू के रामगढ़ प्रत्याशी की मौत हो गई थी। अब कांग्रेस प्रत्याशी का निधन हो गया।

जयपुर. मंगलवार को पूरे दिन राजस्थान में सोशल मीडिया पर करणपुर विधानसभा सीट के विधायक और मौजूदा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी गुरमीत सिंह की मौत की खबर वायरल हुई। हालांकि देर शाम उनकी मौत की खबरों का खंडन कर दिया गया। लेकिन आज सुबह राजस्थान की राजनीति के लिए एक दुख भरी खबर सामने आई है।

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बेटे ने कहा-पिता अपनी सांसरिक यात्रा पूरी कर हमें छोड़ गए...

देश की राजधानी दिल्ली में इलाज के दौरान गुरमीत सिंह की मौत हो गई है। इसकी जानकारी उनके बेटे रूबी ने अपने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहां है कि मेरे पिता गुरमीत सिंह कुन्नर अपनी सांसारिक यात्रा पूरी करते हुए हमारे बीच नहीं रहे। यह पोस्ट करने के बाद लोग लगातार इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं।

निर्दलीय चुनाव विधायक बने थे गुरमीत सिंह

आपको बता दे कि इन्होंने 2018 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था लेकिन इसके बाद वह कांग्रेस पार्टी के समर्थन में आ गए। इसका ही नतीजा निकला कि इस बार कांग्रेस पार्टी ने उन्हें इसी विधानसभा से अपना प्रत्याशी घोषित किया। बीते करीब 4 से 5 दिन पहले ब्रेन हेमरेज होने के चलते उन्हें दिल्ली में इलाज के लिए ले जाया गया जहां आज उन्होंने अंतिम सांस ली।

राजस्थान विधानसभा में रहा है ये इतिहास

आज उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया जाएगा और हो सकता है कि आज ही उसका अंतिम संस्कार किया जाए। आपको बता दे की राजस्थान में विधानसभा चुनाव का इतिहास रहा है कि यहां कभी भी 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव नहीं हुए हैं। 2018 के चुनाव में बसपा के रामगढ़ प्रत्याशी और 2013 में चूरू के रामगढ़ प्रत्याशी की भी मौत हो गई थी।