Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी पर खाटू श्यामजी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। 5 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। 72 घंटे तक दर्शन खुले रहेंगे और VIP दर्शन पर रोक रहेगी।

khatu shyam ji nirjala ekadashi darshan: निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर सीकर जिले स्थित खाटू श्यामजी मंदिर एक बार फिर अपार श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया। शुक्रवार सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और अनुमान है कि 5 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाई।

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72 घंटे तक लगातार दर्शन, VIP लाइन पर पूरी तरह प्रतिबंध

हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर प्रबंधन ने निर्जला एकादशी के अवसर पर बाबा श्याम के 72 घंटे तक दर्शन खुले रखने की परंपरा निभाई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 16 विशेष दर्शन पंक्तियों की व्यवस्था की गई है, जिससे भक्तों को नियंत्रित और व्यवस्थित ढंग से मंदिर में प्रवेश मिल रहा है। इस दौरान VIP दर्शन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि हर आम भक्त को समान रूप से दर्शन का अवसर प्राप्त हो सके।

बिना जल ग्रहण किए व्रत, साल भर की सभी एकादशियों का फल

निर्जला एकादशी पर बिना जल के उपवास रखने की परंपरा है, जिसे साल की सबसे कठिन व्रत तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से साल भर की सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस दिन खाटूधाम में बाबा श्याम के दर्शन को विशेष महत्व दिया जाता है।

मंदिर समिति की अपील: श्रद्धा से करें दर्शन, सेवा में कोई कमी नहीं

मंदिर के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने कहा, "जो श्रद्धालु इस दिन सच्चे मन से बाबा को याद करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।" वहीं वरिष्ठ सदस्य मोहनदास सिंह चौहान ने कहा, "बाबा श्याम की स्मरण मात्र से ही कलियुग के कष्टों से मुक्ति मिलती है।"

1500 पुलिसकर्मी, 200 स्वयंसेवक तैनात, सेवा में जुटा पूरा खाटूधाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 1500 पुलिसकर्मी और 200 स्वयंसेवक सेवा और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। पूरे खाटूधाम क्षेत्र को वन-वे ज़ोन घोषित किया गया है ताकि रींगस से आने वाले पदयात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही छाया, पीने का पानी, छाछ, दूध, नींबू पानी और फलाहारी भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे भक्तों को लंबी यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो।

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