राजस्थान पुलिस कुख्यात गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए लगातार एक्टिव है। अब पुलिस ने प्रदेश के नामी डॉन रितिक बॉक्सर को गिरफ्तार किया है। कभी इससे नाम से लोग कांपते थे, अब उसको पुलिस गली-गली घुमाकर जुलूस निकाल रही है। 

जयपुर. रितिक बॉक्सर जिसे कभी राजस्थान में कुख्यात गैंगस्टर के नाम से जाना जाता था। जो राजधानी जयपुर जैसे इलाकों में फायरिंग करता और खुलेआम फिरौती मांगता, जिसे कभी 11 शहरों की पुलिस मिलकर ढूंढ रही थी उसी का अब ऐसा हाल हो चुका है कि कोई सोच नहीं सकता। पुलिस अब उसका बीच बाजार जुलूस निकाल रही है। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहे हैं। श्रीगंगानगर जिले से एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है जहां रितिक बॉक्सर का बाजार में जुलूस निकाला गया। सैकड़ों पुलिसकर्मियों के बीच रितिक बॉक्सर अपने मुंह को लटकाए चलता हुआ नजर आ रहा है।

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विदेशों से खरीदे हैं अवैध हथियार

दरअसल, श्रीगंगानगर के घड़साना इलाके के रहने वाले गौरव सोनी को पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो गौरव ने बताया कि उसने हथियार गैंगस्टर लॉरेंस के साथी रितिक से खरीदे थे। इसके बाद 20 जुलाई को रितिक बॉक्सर को गिरफ्तार किया गया। ऐसे में अब श्रीगंगानगर पुलिस रितिक के साथ मिलकर गौरव और रितिक के अन्य ठिकानों पर दबिश दे रही है इसके लिए ही उन्हें जगह जगह ले जाया जा रहा है।

रितिक बॉक्सर लॉरेंस का सबसे एक्टिव साथी

वही इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रितिक और गौरव जैसे आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद राजस्थान में अवैध हथियारों की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगेगा। गौरतलब है कि रितिक बॉक्सर लॉरेंस के इनका राजस्थान में सबसे एक्टिव साथी है। राजस्थान में फिरौती से लेकर हथियारों की सप्लाई सहित गैंग के अन्य सभी काम रितिक ही देखता था। लेकिन बीते दिनों जयपुर में हुई फायरिंग के बाद रितिक भी राजस्थान पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

राजस्थान के कई कुख्यात गैंगस्टर देश छोड़कर जा चुके

आपको बता दें कि ऐसे कुख्यात गैंगस्टर जो देश छोड़ चुके हैं उन्हें पकड़ने के लिए भी राजस्थान की पुलिस लगातार एक्टिव है। पुलिस ऐसे आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल का सहयोग लेकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने आनंदपाल गैंग के विक्रम बराड़ को भी दुबई से गिरफ्तार किया है। रितिक के खिलाफ जयपुर, गंगानगर, हनुमानगढ, उदयपुर, जोधपुर समेत ग्यारह शहरों में केस दर्ज हैं। उसके उपर एक लाख का इनाम था, जिसे बढ़ाकर पांच लाख करने की तैयारी थी।