भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में राजस्थान में अच्छा परफॉर्मेंस नहीं कर पाई। इसकी वजह से राज्य के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि, उनके फैसले पर आलाकमान द्वारा अंतिम फैसला लेना बाकी है।

राजस्थान: राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंपा है। पद छोड़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इसमें से एक वजह प्रमुख पदों पर ब्राह्मण चेहरे को बताया जा रहा है। बता दें कि राज्य के पहले बड़े पद पर सीएम भजनलाल शर्मा हैं, जबकि दूसरे पर खुद सीपी जोशी। दोनों एक जाति के हैं। सूत्रों की मानें तो जल्द ही SC, ST या OBC क्लास से बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। हालांकि, इस्तीफे पर अभी तक आलाकमान की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि उपचुनाव तक पार्टी जोशी को ही पद पर बना रहने देगा। बता दें, राजस्थान में जल्द ही 5 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं।

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भारतीय जनता पार्टी ने 2014 और 2019 के मुकाबले लोकसभा चुनाव 2024 में अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाई थी। इस बार पार्टी 25 में से सिर्फ 14 सीट ही जीत सकी है।‌ आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले भी सीपी जोशी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया था। एक बार फिर इस्तीफा देने वो दिल्ली पहुंचे हैं। 4 दिन से वहीं डेरा जमाए हुए हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात भी की है।

पढ़ाई के दौरान ही सीपी जोशी ने राजनीति में रखा कदम

सीपी जोशी चित्तौड़गढ़ जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पढ़ाई के दौरान राजनीति में कदम रखा था। पहले NSUI में वे सक्रिय थे, बाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में कमान संभाली। उसके बाद वह एक बार प्रधान भी चुने गए, फिर लगातार तीन बार से वे सांसद हैं।

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