अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत सोमवार को दिल्ली स्थित ईडी के मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। विदेशी मुद्रा मामले में ईडी ने उन्हें समन भेजा था। 

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव सोमवार को दिल्ली स्थिति ईडी (Enforcement Directorate) मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। ईडी ने उन्हें विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था।

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वैभव गहलोत करीब 11.30 बजे ईडी मुख्यालय पहुंचे। ईडी ने उन्हें जयपुर या दिल्ली में अपने ऑफिस में पेश होने के लिए कहा था। ईडी ने हाल ही में राजस्थान के हॉस्पिटैलिटी ग्रुप ट्राइटन होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, वर्धा एंटरप्राइजेज प्रा. लिमिटेड, इसके निदेशक व प्रमोटर शिव शंकर शर्मा, रतन कांत शर्मा और अन्य के खिलाफ छापेमारी की थी। इसके बाद वैभव को पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया।

पिछले महीने छापेमारी के दौरान ईडी ने 1.2 करोड़ रुपए नकद जब्त किए थे। आरोप है कि ट्राइटन समूह को 2007-2008 में मॉरीशस इकाई से निवेश प्राप्त हुआ था। ईडी वैभव गहलोत से रतन कांत शर्मा के साथ उनके संबंधों के बारे में सवाल कर सकती है।

अशोक गहलोत बोले- मुझे बनाया जा रहा निशाना

अशोक गहलोत ने वैभव के खिलाफ हो रही ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उन्होंने कहा कि बेटे के माध्यम से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। वैभव पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए अशोक गहलोत ने पिछले दिनों कहा था कि वैभव का कोई विदेशी मुद्रा लेनदेन नहीं है। वैभव की केवल एक टैक्सी कंपनी है। रतन (कांत शर्मा) पार्टनर थे, लेकिन अब वे अलग-अलग काम करते हैं।

अशोक गहलोत ने कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इसके चलते केंद्रीय एजेंसियों ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। उन्होंने कहा था, “केंद्रीय एजेंसियों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है। यह चिंताजनक स्थिति है। पूरे देश में इन्होंने आतंक मचा रखा है।”