राजस्थान में विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। सत्ता का सुख हर कोई पाना चाहता है। इसिलए कई जगह तो भाई-भाई तो कहीं जीजा-साली आमने सामने चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं नौगौर में देवरानी-जेठानी चुनावी मैदान में हैं।

नागौर. 6 नवंबर यानी सोमवार आखिरी तारीख है राजस्थान में नामाकंन भरने की। नामाकंन की इस प्रकिया के दौरान अब जब प्रत्याशी नामाकंन भरने जा रहे हैं तो आपस में रिश्तेदार भी निकल रहे हैं। धौलपुर जिले की एक सीट पर जीजा और साली आमने सामने चुनाव लड़ रहे हैं। परिवार को ये टेंशन है कि आखिर चुनाव प्रचार किसका करें। लेकिन इससे भी बड़ा एक केस और आया है सामने…

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एक को कांग्रेस तो दूसरी को बीजेपी ने दिया टिकट

यह नागौर सीट का मामला है। नागौर की जायल विधानसभा सीट से पार्टी ने दो रिश्तेदारों को आमने सामने टिकट दिया है। एक को कांग्रेस पार्टी ने और दूसरी को बीजेपी ने। दोनो देवरानी जेठानी भी हैं। दोनो ही प्रचार शुरू कर चुकी हैं और अब नामाकंन भी कर दिया है। दरअसल जायल सीट पर कांग्रेस ने मंजू मेधवाल को टिकट दिया है और उनके सामने अब बीजेपी ने डॉक्टर मंजू बाघमार को टिकट दिया है। दोनो अजमेर जिले की मूल निवासी हैं । एक का पीहर अजमेर के पुष्कर में हैं और दूसरी की पीहर अजमेर के ब्यावर इलाके में है। दोनो की शादी नागौर में जायल विधानसभा क्षेत्र में हुई हैं और अब दोनो यहां से आमने सामने हैं।

यहां जीजा और साली हैं आमने-सामने

इसी तरह से धौलपुर में विधानसभा सीट से शोभारानी कुशवाहा को बीजेपी से चुनाव लड़ चुकी हैं। इस बार उन्होनें कांग्रेस का दामन थामा है और कांग्रेस ने उनको यहीं से टिकट दे दिया है। उनके सामने उनके जीजा शिवचरण कुशवाहा को उतारा है। दोनो ने पर्चा भर दिया है और अब प्रचार शुरू कर दिया है।