राजस्थान में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है। गहलोत सरकार बहूमत से बहुत दूर रह गई। वहीं राजस्थान में लाल डायरी का मुद्दा लाने वाले गहलोत के मंत्री रहे राजेंद्र गुढा भी चुनाव हार गए हैं।
जयपुर. राजस्थान विधानसभा चुनाव में रिवाज कायम होते हुए कमल खिल गया है। यानि भाजपा की जबरदस्त तरीके से चुनाव जीतते हुए वापसी की है। भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए सनातन-हिंदुत्व और कन्हैयालाल मर्डर केस से लेकर लाल डायरी तक के मुद्दों पर कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। लाल डायरी का को सामने लाने वाले गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र गुढा ने कांग्रेस को हरवाने का काम किया ही है। लेकिन वह खुद भी हार गए हैं।
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लाल डायरी राजेंद्र गुढा चर्चा में रहे और दोनों ही हारे
- उदयपुर वाटी सीट से शिव सेना के चिन्ह पर चुनाव लड़ने वाले राजेन्द्र गुढा पूरे चुनाव में चर्चा में रहे।
- गुढा के द्वारा लाल डायरी के कई पन्ने इस बार विधानसभा चुनाव में सामने लाए गए।
- इन पन्नों में गहलोत सरकार के कई मंत्रियों के राज और उनकी कारस्तानी छुपी हुई थी।
- एक पन्ने मंे तो यहां तक लिखा हुआ था कि गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी जाहते हैं पिता चुनाव हार जाएं।
- लाल डायरी और लाल रंग के नाम पर पीएम मोदी, अमित शाह और योगी ने कांग्रेस के नेताओं की जमकर खिचाई की।
- राजेन्द्र गुढा को उम्मीद थी कि इस लाल डायरी के दम पर वे चुनाव जीत जाएंगे, लेकिन उनका बुरा हाल हुआ।
- उदयपुर वाटी सीट से कांग्रेस के भगवान राम सैनी जीत गए, दूसरे नंबर पर बीजेपी के नेता शुभकरण चौधरी रहे और तीसरे पर गुढा रहे।
