Rajasthan Government Decision : दो दिन पहले राजस्थान सरकार ने जहां जयपुर , अजमेर, जोधपुर समेत प्रदेश के बड़े शहरों में जमीनों के दाम बढाए हैं। वहीं अब एक और फैसला कर आम आदमी की कमर तोड़ दी है। सरकार के इस फैसले से घर बनाना महंगा हो गया है। 

Rajasthan News : राजस्थान सरकार ने प्रदेश में खनिज पदार्थों पर वसूली जाने वाले रॉयल्टी शुल्क में बड़ा बदलाव किया है। सरकार के इस फैसले का असर बजरी, मार्बल, चेजा पत्थर सहित कुल 24 खनिजों पर पड़ेगा। नई दरें लागू होने से निर्माण सामग्री की लागत में वृद्धि होना तय है, जिससे मकान और अन्य निर्माण कार्य महंगे हो सकते हैं।

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राजस्थान में खनिजों की रॉयल्टी में बड़ा इजाफा

नई अधिसूचना के अनुसार बजरी पर लगने वाली रॉयल्टी अब 45–50 रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति टन कर दी गई है। पूर्वी राजस्थान के जिलों से निकलने वाली बजरी पर पहले ज्यादा रॉयल्टी लगती थी, लेकिन अब सभी जिलों में इसे समान कर दिया गया है।

जानिए किसके कितने बढ़े दाम?

सैंड स्टोन यानी चेजा पत्थर पर रॉयल्टी 240 रुपये से बढ़ाकर 320 रुपये प्रति टन कर दी गई है। इससे प्रति ट्रक (40 टन) बजरी की कीमत में लगभग 600 रुपये तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। मार्बल पर भी बदलाव किया गया है। मकराना और आसपास के क्षेत्रों में निकलने वाले मार्बल पर पहले 490 रुपये जबकि अन्य क्षेत्रों से निकलने वाले मार्बल पर 560 रुपये प्रति टन रॉयल्टी लगती थी। अब इन दोनों दरों को समान करते हुए 550 रुपये कर दिया गया है।

टाइल्स और पत्थरों पर भी बढ़ा दी रॉयल्टी

टाइल्स में इस्तेमाल होने वाले पत्थर पर रॉयल्टी 455 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति टन कर दी गई है। वहीं डोलोमाइट, लाइमस्टोन, रायोलाइट जैसे चिप्स व कंक्रीट में काम आने वाले पत्थरों पर रॉयल्टी 90 से बढ़ाकर 130 रुपये प्रति टन कर दी गई है। राज्य सरकार के इस फैसले से खनन क्षेत्र को अतिरिक्त रेवेन्यू मिलेगा, लेकिन आम जनता को मकान निर्माण में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि रियल एस्टेट इंडस्ट्री और ठेकेदार इस बोझ को कैसे संभालते हैं।

उल्लेखनीय है कि अभी दो दिन पहले ही राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने जयपुर , अजमेर, जोधपुर समेत प्रदेश के बड़े शहरों में जमीन के दाम बढाए है, अब सरकार ने मकान निर्माण सामग्री को महंगा कर दिया है जिससे मध्यम वर्ग की कमर टूटनी तय है।