राजस्थान सरकार ने जयपुर में जमीन की कीमतें बढ़ा दी हैं। जयपुर जोधपुर से लेकर कोटा, अजमेर और उदयपुर तक के दाम बढ़ाए गए हैं। लेकिन पिंकसिटी में 44% तक की वृद्धि की गई है।

जयपुर, 23 जुलाई 2025: राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने राज्य के विभिन्न शहरों में कॉलोनियों की आरक्षित दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस संशोधन के बाद अब घर या प्लॉट खरीदना आम आदमी की पहुंच से और दूर हो सकता है। राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा दाम बढ़ाया गया है।जहां कुछ योजनाओं में दरें 44% तक बढ़ गई हैं।

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जयपुर में सबसे ज्यादा असर 

  • वाटिका योजना: 4,890 से बढ़कर 7,045 रुपये/वर्गमीटर 
  • प्रताप नगर: 19,465 से बढ़कर 23,870 रुपये/वर्गमीटर 
  • मानसरोवर: 33,315 से बढ़कर 41,095 रुपये/वर्गमीटर
  •  इंदिरा गांधी नगर, जगतपुरा: 19,395 से बढ़कर 23,850 रुपये/वर्गमीटर

राजस्थान के अन्य शहरों में क्या है जमीन का रेट

  • जोधपुर (बड़ली योजना): 4,900 से बढ़कर 5,320 रुपये/वर्गमीटर
  • विवेक विहार: 26,255 से 28,490 रुपये/वर्गमीटर उदयपुर
  •  (गोवर्धन विलास): 21,370 से 23,190 रुपये/वर्गमीटर
  •  अलवर व अजमेर में स्थिति अलवर (बी-10 योजना): 6,800 से बढ़कर 7,380 रुपये/वर्गमीटर
  •  अरावली विहार, भिवाड़ी: 9,250 से 10,040 रुपये/वर्गमीटर 
  • अजमेर (किशनगढ़ योजना): 11,025 से बढ़ाकर 11,965 रुपये/वर्गमीटर

नोट : बता दें कि सिर्फ जयपुर ही नहीं, जोधपुर, अजमेर, कोटा, अलवर और उदयपुर जैसे शहरों में भी 8% से 9% तक की दरों में इजाफा हुआ है। हालांकि जयपुर प्रदेश का सबसे बड़ा और कैपिटल है, इसलिए यहां के दाम ज्यादा बढ़े हैं।

क्या कहता है राजस्थान रियल एस्टेट सेक्टर? 

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी आम खरीदारों की जेब पर भारी पड़ेगी और मिडिल क्लास के लिए प्लॉट खरीदना और मुश्किल हो जाएगा। हालांकि हाउसिंग बोर्ड का तर्क है कि यह संशोधन बाजार दरों के अनुसार किया गया है।

राजस्थान के हर शहर में हाउसिंग स्कीम

दरअसल, हाउसिंग बोर्ड, राजस्थान में एक साल के दौरान लगभग हर बड़े शहर में हाउसिंग स्कीम जारी है। इन स्कीम पर अच्छा भाव मिला है और प्लॉट फटाफट बिक गए हैं। वर्तमान में भी कई शहरों में स्कीम जारी है जिनमें भी अच्छा रूझान देखने को मिल रहा है। इन तमाम स्कीम के आधार पर ही अब बड़े शहरों में दाम बढ़ाए जा रहे हैं। हांलाकि कुछ साल पहले इसी तरह से दाम बढ़ाए गए थे, लेकिन लोगों ने उंचे दामों पर प्लॉट नहीं खरीदे थे।