राजस्थान के नए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने पहले दौरे पर बाड़मेर की यात्रा ट्रेन से की और विशेष बोगी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने सीमा पर BSF जवानों से मुलाकात की और ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षित करने का आग्रह किया।

जयपुर. महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले राजस्थान के नए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे पहली बार राजस्थान दौरे पर आए और बाड़मेर में सीमावर्ती इलाकों में पहुंचे । वहां वृक्षारोपण किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। ग्रामीणों से बातचीत करने के साथ ही उन्होंने बच्चों को पढ़ाई का महत्व बताया। नए राज्यपाल ने ऐसा काम किया जो दिल को छू गया ।

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जयपुर से बाड़मेरका सफर ट्रेन से किया

दरअसल हरिभाऊ किशन राव बागडे अपने पहले दौरे पर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में गए हैं। वहां तक का सफर उन्होंने जयपुर से ट्रेन से किया है । अक्सर यह होता था कि जब राज्यपाल ट्रेन से यात्रा करते थे तो उनके लिए विशेष अलग बोगी लगाई जाती थी , लेकिन राज्यपाल हरीभाऊ के लिए विशेष या अलग से बोगी नहीं लगाई गई। उन्होंने कहा कि वह सामान्य नागरिक की तरह यात्रा करेंगे ।

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों के साथ की मुलाकात

कल रात में फर्स्ट क्लास एसी में बैठे और वहां उन्होंने यात्रा की शुरुआत की। उनके साथ उनकी सिक्योरिटी जरूर मौजूद थी । सवेरे वह बाड़मेर पहुंचे और वहां से सर्किट हाउस आए । उसके बाद अपने आगामी कार्यक्रम में जुट गए । वहां तय कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने गडरा रोड पर विकास कार्यों का अवलोकन किया । बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों और अधिकारियों से मुलाकात की । साथ ही भारत-पाकिस्तान बॉर्डर का भी अवलोकन किया ।

बच्चों को नहीं पढ़ाया तो वह बकरी चराते रह जाएंगे

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बाड़मेर के सुदूर पश्चिम सीमा स्थित गांवों भी पहुंचे। यहां उन्होंने सरकारी योजनाओं की जांच पड़ताल की और गांवों के वासियों घर पहुंचे कर उनकी समस्या जान ली। ग्रामीणों को राज्यपाल ने कहा कि अपने बच्चों को पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनाएं , नहीं तो वह बकरियां चलते ही रह जाएंगे। साथ ही उन्हें जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। सारे कार्यक्रम पूरे करने के बाद देर शाम हुई ट्रेन से ही जयपुर के लिए रवाना हो गए ।