बीकानेर राजघराने में संपत्ति विवाद पुलिस थाने पहुंच गया है। भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी और उनकी बुआ राज्यश्री के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं। होटल लीज और रिकॉर्ड गायब करने के आरोपों की जांच जारी है।

उदयपुर. राजस्थान में इन दिनों उदयपुर राज परिवार काफी सुर्खियों में है। उनमें पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच अब राजस्थान में बीकानेर का राजपरिवार भी सुर्खियों में आ चुका है। यहां इनका पारिवारिक विवाद पुलिस थाने तक पहुंच गया। इसमें एक मुकदमा भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी के खिलाफ तो दूसरा उनकी बुआ राज्यश्री के खिलाफ दर्ज हुआ है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने अनुसंधान करके जांच शुरू कर दी है।

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महिला विधायक से हो रही 10 करोड की डिमांड

पहला मामला लक्ष्मी निवास पैलेस में होटल संचालित करने वाली फर्म गोल्डन फोर्स एंड पैलेस प्राइवेट लिमिटेड के राजीव मिश्रा ने कोर्ट के जरिए दर्ज करवाया है कि सिद्धि कुमारी ने अपने पिता नरेंद्र सिंह के साथ 1999 में लीज डीड की थी इसके बदले 50 लाख रुपए लिए। इसके बाद भी होटल पर करोड़ों रुपए खर्च किए और 4 अप्रैल 2010 को 3 करोड रुपए सिद्धि कुमारी ने खुद लिए और एक करोड़ अपनी बुआ के नाम से वसूल लिए। लेकिन अभी होटल संचालन में बाधा उत्पन्न की जा रही है। डीड को नहीं मानते हुए लक्ष्मी निवास का लालगढ़ पैलेस की तरफ खुलने वाला गेट बंद करवा दिया गया और 10 करोड रुपए और देने की डिमांड की जा रही है। पैसे नहीं देने पर होटल को खाली करवाने की कोशिश भी की जा रही है। 

जब विधायक सिद्धि कुमारी को कर दिया मना

मुकदमा दर्ज करवाने वाली पार्टी का कहना है कि 57 साल के लिए लीज की गई थी। लेकिन अब उन्हें परेशान किया जा रहा है। वहीं दूसरा मुकदमा विधायक का समर्थन करने वाले एक ट्रस्ट के द्वारा करवाया गया है। जिसमें सिद्धि कुमारी की बुआ राज्यश्री पर आरोप लगाया है। ट्रस्ट के सदस्य संजय शर्मा ने मामला दर्ज करवाया कि सिद्धि कुमारी की बुआ राज्यश्री, मधुलिका सहित अन्य लोगों ने मिलकर कमिश्नर के आदेश के खिलाफ जाकर असली रिकॉर्ड को खुर्द बुर्द कर दिया और उसे कहीं लेकर चले गए। जब सिद्धि कुमारी खुद रिकॉर्ड लेने के लिए गई तो उन्हें नहीं दिया गया।

कई दशकों से चल रहा है राजघरानों की संपत्ति का विवाद 

आपको बता दें कि राजस्थान में ज्यादातर राजघराने में संपत्ति का विवाद चलता रहता है। पिछले कई दशकों से यह विवाद चलते आ रहे हैं। कई पार्टियों ने कोर्ट में केस किए हुए हैं। तो कई मामलों में आज भी पुलिस अनुसंधान कर रही है। लेकिन न्याय प्रक्रिया में देरी होने के चलते ऐसे मामलों में जल्द फैसला नहीं हो पाए। हालांकि जब भी राजपरिवार में कोई कार्यक्रम हो तब ऐसे विवाद खुलकर जनता के सामने आते हैं।

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