राजस्थान के राजसमंद में हनुमान जन्मोत्सव के दिन बड़ा उपहार मिलने जा रहा है। आज के दिन देश के सबसे बड़े हाथ जोड़े हनुमान जी की मंदिर बनने की शुरूआत हो सकती है। जन्मोत्सव के दिन किया गया भूमि पूजन। 13 मंजिल जितने होंगी मूर्ति की ऊंचाई।

राजसमंद (rajsamand news). भगवान श्रीनाथजी की नगरी और दुनिया के सबसे बड़े भोलेनाथ का शहर यानी राजसमंद। राजसमंद देश को एक और बड़ा उपहार देने जा रहा है। आज हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर राजसमंद में आज संभवत देश के सबसे बड़े हनुमान जी की प्रतिमा तैयार करने काम शुरू हो गया है। मूर्ति है हनुमान जी की वे भी हाथ जोड़े अवस्था में। इस मूर्ति को बनने में 6 से 8 महीने का समय लगने वाला है। इसकी कुल ऊंचाई करीब 13 मंजिल यानी जमीन से करीब सवा 100 फीट ऊंची होगी। इसका निर्माण आने वाले 8 महीने में पूरा होगा और इसकी लागत 1 करोड़ रुपए से भी ज्यादा होगी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बन रही 100 फीट से भी ज्यादा ऊंची मूर्ति

राजसमंद के गिरिराज पर्वत पर गिरी जागेश्वर महादेव मंदिर के पास बनने वाली सवा सौ फीट ऊंची यह मूर्ति बनना आज से शुरू हो गया है। इसके लिए भगवान श्री राज जी के परम भक्त और मुंबई में बड़े कारोबारी गिरीश भाई शाह ने फाइनेंस किया है। 1 करोड़ रुपए से ज्यादा जो खर्च आएगा वह गिरीश भाई शाह वहन करेंगे।

हनुमान जयंती पर शुरू हुआ फाउंडेशन का काम

आज पर्वत पर मंदिर के फाउंडेशन का काम शुरू हो गया है। इससे पहले भूमि का पूजन और हवन किया गया है। गिरीश शाह ने बताया करीब करीब 15 फीट का चबूतरा होगा और उसके बाद 108 फीट से ज्यादा की ऊंचाई वाली हनुमान प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। प्रतिमा यही तैयार की जाएगी जो राजस्थान और अन्य राज्यों से आने वाले कलाकार तैयार करेंगे। गिरीशा ने कहा कि हाथ जोड़कर हनुमान अभिवादन करते हुए दिखेंगे। यह मूर्ति पर्वत पर बनाई जा रही है तो यह काफी दूर से ही दिखाई देगी। इसके लिए फिलहाल कोई शुल्क नहीं रखा जाएगा। मूर्ति आसानी से कोई भी देख सकेगा और छू सकेगा ।

उल्लेखनीय है कि कुछ महीनों पहले ही दुनिया के सबसे बड़े शिव जी की प्रतिमा भी राजसमंद में स्थापित की गई है । यह प्रतिमा करीब 235 फीट से भी ज्यादा ऊंची है । इसके अंदर होटल नुमा कमरे हैं और इसका किराया 2 हजार रुपए प्रति व्यक्ति तक है।

इसे भी पढ़े- दाढ़ी-मूंछ वाले हनुमानजी के दर्शन कीजिए, जहां 300 साल से जल रही चमत्कारिक ज्योति, देश का ऐसा पहला मंदिर