राजस्थान की अलवर पुलिस ने एक चौंकाने वाले मर्डर का खुलासा किया है। जहां एक साले ने अपने नए-नवले जीजा की शादी की 3 दिन बाद ही हत्या कर दी। बहन के हाथों की मेहंदी छूटने से पहले ही उसे विधवा बना डाला। क्रूरता ऐसी की खोपड़ी फाड़ दी और कान काट कर ले गया।

अलवर (राजस्थान). ऑनर किलिंग का एक बड़ा केस सामने आया है । राजस्थान के अलवर पुलिस भी इस मामले की जांच पड़ताल कर रही है । साथ ही हरियाणा पुलिस भी इस मामले में अलवर पुलिस की मदद कर रही है । जिस लड़के की हत्या की गई है उसकी शादी 27 मार्च को हुई थी 3 दिन बाद ही उसकी हत्या कर दी गई। लाश को अलवर जिले में बहरोड़ क्षेत्र में फेंक दिया गया।

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सोशल मीडिया पर डाली लाश की तस्वीर

अब घटना के बाद स्थानीय पुलिस को लाश मिली है। पुलिस ने इसे सोशल मीडिया पर डाला, उसके बाद परिवार के लोगों ने अलवर पुलिस से संपर्क किया। तब जाकर यह पूरा मामला खुल कर सामने आया है। लड़की की उम्र मात्र 20 साल और लड़के की उम्र करीब 26 साल थी।

पुलिस ने ऐसे ब्लाइंड मर्डर का किया खुलासा

इस पूरे घटनाक्रम के मामले में अलवर पुलिस ने बताया कि जयपुर और अलवर जिले के बॉर्डर पर स्थित भाबरू थाना इलाके में एक पुलिया के नजदीक एक लाश मिली थी । अलवर जिले की ओर पड़ी इस लाश को अलवर पुलिस ने बरामद किया और उसे मुर्दाघर में रखवाया । पहले तो जयपुर और अलवर जिले में लाश का हुलिया मिलान करने के लिए गुमशुदगी रिपोर्ट्स जांची गई, लेकिन जब पुलिस को सफलता नहीं मिली तो इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाला गया ।

राजस्थान से हरियाणा तक जा पहुंचा मौत का मामला

2 दिन बाद ही हरियाणा राज्य के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित अटेली थाना में रहने वाले विनय चौहान ने पुलिस से संपर्क किया। विनय ने पुलिस को बताया कि यह लाश उसके भाई दीपक चौहान की है। इस बारे में महेंद्रगढ़ पुलिस ने अलवर पुलिस से संपर्क किया और नियमानुसार लाश को अपने साथ ले गए ।

इस वजह से भाई ने बहन को बनाया विधवा

अलवर पुलिस ने बताया कि दीपक ने अपने गांव में ही रहने वाली अनु से शादी कर ली थी। हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित आर्य समाज के एक केंद्र पर यह शादी 27 मार्च को की गई थी । दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों के गोत्र अलग थे। इसलिए अनु का परिवार शादी के लिए तैयार नहीं था। अलवर पुलिस ने बताया कि 27 मार्च को शादी करने के बाद 28 मार्च को जब अनु के भाई संजय को पता चला तो उसने बधाई देने के नाम पर दीपक से मुलाकात की। दीपक को भी लगा कि परिवार उसे अपनाने के लिए तैयार है ।