जोधपुर के एक अस्पताल में 28 वर्षीय महिला के पेट से 3 किलो बालों का गुच्छा निकाला गया। महिला को बाल खाने की आदत थी, जिसके कारण उसकी छोटी आंत ब्लॉक हो गई थी। मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत उसका निशुल्क इलाज किया गया।

जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 28 वर्षीय महिला के पेट से करीब 3 किलो वजन का बालों का गुच्छा निकाला गया। महिला पेट दर्द, भूख में कमी और खाने पर उल्टी की समस्या के चलते अस्पताल पहुंची थी। उसकी स्थिति को देखकर डॉक्टरों ने उसे गैस्ट्रोलॉजिस्ट विभाग में रेफर किया, जहां एंडोस्कोपी के दौरान उसके आमाशय में बालों का गुच्छा पाया गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस आदत से होती है यह खतरनाक बीमारी

महिला ने डॉक्टरों को बताया कि उसे बाल खाने की आदत है, और उसने इस समस्या को लंबे समय से छिपाकर रखा था। यह आदत ट्राईकोफेज़िया नामक मानसिक विकार से संबंधित है, जिसमें व्यक्ति लगातार बाल खाने की प्रवृत्ति दिखाता है। इस विकार का प्रभाव मुख्यतः 15 से 25 वर्ष की आयु की महिलाओं पर देखा जाता है, जो मानसिक रूप से कमजोर होती हैं या असामान्य व्यवहार करती हैं।

छोटी आंत पूरी तरह हो चुकी ब्लॉक

डॉक्टर दिनेश दत्त शर्मा के अनुसार, इस ऑपरेशन को अंजाम देना जटिल था, क्योंकि बालों का गुच्छा आमाशय के साथ-साथ छोटी आंत को भी पूरी तरह से ब्लॉक कर चुका था। सर्जरी में कई स्थानों पर चीरे लगाना पड़ा। ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति सामान्य हो गई है और उसे जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत हो रहा इलाज

खास बात यह है कि इस महिला का इलाज मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया। डॉक्टरों ने उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच की, जो सामान्य पाई गई। यह मामला एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कभी-कभी शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती हैं।