सवाई माधोपुर जिले के तलावड़ा गांव में भालू का आतंक बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ चुकी है। भालू ने दुकान, मंदिर और घरों में तोड़फोड़ कर सामान खा लिया, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।

माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के नजदीक खण्डार क्षेत्र के निकटवर्ती तलावड़ा गांव में इन दिनों भालू के आतंक से ग्रामीण भयभीत हैं। पिछले कुछ दिनों से भालू के पैरों के निशान गांव के विभिन्न हिस्सों में मिल रहे हैं। जिससे स्थानीय लोग खासे डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भालू रात के समय आबादी क्षेत्र में घुसकर न केवल सामान को इधर-उधर कर देता है, बल्कि मकानों के दरवाजों को तोड़ने का भी प्रयास करता है। इससे ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है और उन्हें रात भर जागकर रतजगा करने की मजबूरी हो गई है।

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3 दिन से घर मंदिर को बनाया निशाना, दो घरों का दरवाजा तोड़ने का प्रयास

तीन दिन पहले ही भालू ने प्रेम योगी की दुकान का ताला तोड़कर वहां रखी मिठाइयों, गुड़ और अन्य खाद्य सामग्री को खा लिया। सुबह जब दुकानदार ने जाकर देखा तो भालू वहां से जंगल की ओर चला गया। इसके बाद गुरुवार रात को भैंरोजी के मंदिर का दरवाजा तोड़कर भालू ने वहां रखा घी, गुड़ और मिठाइयां चटकर दी। इसके बाद भालू ने वार्ड दो के घरों में घुसने का प्रयास किया। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।

भालू के हमले से एक व्यक्ति हो चुका है घायल

इससे पहले गोठ बिहारी गांव में भी भालू ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे हमलों से अब बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन वन विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय लोग वन विभाग से भालू को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

वन विभाग के लोग नहीं ले रहे घटनाओं को गंभीरता से

ग्रामीण लोगों का कहना है कि वन अधिकारी भालू के आतंक को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है, क्योंकि भालू की गतिविधियों से न केवल उनकी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि उनकी जान-माल की सुरक्षा भी खतरे में है।

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