राजस्थान के उदयपुर शहर से गजब का मामला सामने आया है। यहां चक्की चलाने वाले मालिक को गेहूं की बोरी में चांदी के गहने मिले। जिसके बाद उसने उन गहनों के मालिक का पता लगाया और उसे गहने लौटाए। लोग उसके इस काम की खूब तारीफ कर रहे है।

उदयपुर (udaipur). उदयपुर के भिंडर कस्बे कस्बे से अजब गजब केस सामने आया है। गेहूं पिसवाने आए एक शख्स ने चोरों से बचाने के लिए चांदी के जेवर गेहूं के बोरे में रख दिए और भूल गया। उसके बाद वह यह बोरा गेहूं पीसने वाले के पास ले गया गेहूं। पीसने वाले व्यक्ति ने भी बिना देखे बोरे के गेहूं चक्की में डाल दिए। लेकिन जब आटे की चक्की अटक गई तो पता चला कि चांदी के जेवर फंस गए हैं। उसके बाद गेहूं पीसने वाले शख्स ने मालिक को तलाशा और यह जेवर उसे लौटाए। इस घटनाक्रम की पूरे कस्बे में चर्चा हो रही है।

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आटा चक्की मशीन में गेहूं के साथ फंसे गहने

दरअसल भिंडर कस्बे में मोइन नाम के शख्स की आटा पीसने की चक्की है। वह अपनी दुकान पर बैठा था और काम कर रहा था। इसी दौरान मजदूर लालू राम मीणा वहां आया। वह अनाज का बोरा साथ लाया था। उसने जल्द ही अनाज पीसने की दरख्वास्त की। मोइन ने अनाज का बोरा चक्की में पलट दिया। लेकिन उसमें से करीब 1 किलो चांदी के जेवर निकले और चांदी के जेवर के कारण ही चक्की बंद हो गई थी।

ईमानदार आटा चक्की मालिक ने गहने लौटाए तो खुशी से रो पड़ा युवक

मोइन ने यह जेवर वापस लालू राम मीणा को लौटाए तो लालू राम मीणा खुशी से रो पड़ा। उसने बताया कि कस्बे में चोरी की वारदात ज्यादा हो रही है चोरों से बचाने के लिए ही यह जेवर उसने अनाज के बोरे में छुपा दिए थे। पता नहीं था कि यह जेवर इसी बोरे में है। लालू राम मीणा जेवर पाकर और मोइन जेवर लौटाकर खुश है।

इस पूरे मामले की जानकारी जब उदयपुर में अन्य लोगों को मिली तो सोशल मीडिया पर मोइन की तारीफ शुरू हो गई। उसे विधायक ने भी ईमानदारी बरतने के लिए बधाइयां दी। उल्लेखनीय है कि 1 किलो चांदी की कीमत करीब 60 हजार रुपए है और लालू राम मीणा जो अनाज के सामने आया था उसका शुल्क सिर्फ 40 रुपए था।