इस साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में 6 महीने पहले बीजेपी ने चुनाव की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूर्वी राजस्थान के भेदने के लिए आज भरतपुर दौरे पर रैली करने पहुंच रहे हैं।

भरतपुर (राजस्थान). भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री आज राजस्थान के भरतपुर जिले में आ रहे हैं। यह दौरा कोई सरकारी दौरा नहीं बल्कि राजस्थान में 6 महीने बाद होने वाले चुनावों की तैयारी है। आज राजस्थान में आकर अमित शाह पूर्वी राजस्थान के वोटर्स को भाजपा की तरफ लेने का काम करने वाले हैं। क्योंकि राजस्थान में सरकार बनाने के लिए पूर्वी राजस्थान के कई जिलों की अहम भूमिका है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शाह के दौरे से पहले भरतपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोपहर 1:55 पर हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद अमित शाह हेलीकॉप्टर से सीधे होटल लक्ष्मी विलास जाने वाले हैं। होटल लक्ष्मी विलास में वह नागौर और सीकर के कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे इसके बाद अमित शाह 3:20 पर कॉलेज ग्राउंड में बनाए गए बूथ विजय संकल्प कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। वही अमित शाह के दौरे को लेकर आज भरतपुर के सरस चौराहे से सर्किट हाउस और मल्टीपरपज स्कूल चौराहे से लेकर होटल लक्ष्मी विलास तक ट्रैफिक पूरी तरह से बंद रहेगा। सुबह 11 बजे ट्रैफिक बंद कर दिया जाएगा। वही आज सुरक्षा व्यवस्था में करीब 1200 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

पूर्वी राजस्थान को भेदने के लिए आ रहे अमित शाह

आपको बता दें कि भरतपुर संभाग करौली धौलपुर सवाई माधोपुर और भरतपुर की करीब 30 से ज्यादा विधानसभा सीटें शामिल है। यह इलाका गुर्जर और मीणा बाहुल्य इलाका भी माना जाता है। जो हमेशा से सचिन पायलट के पक्ष में रहा है। और वर्तमान में भी है। 2013 में जब यह इलाका भाजपा के साथ था तो भाजपा ने चुनाव में अपनी सरकार भी बना ली। लेकिन इस इलाके का समर्थन छूटने के बाद में बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। ऐसे में अब भाजपा चाहती है कि गुर्जर और मीणा वर्ग को चुनाव पद से पहले ही भाजपा की तरफ कर लिया जाए। वही इस दौरे के बाद बताया जा रहा है कि राजस्थान में राजनाथ सिंह, नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के कई बड़े नेताओं का कार्यक्रम आगामी एक से डेढ़ महीने में हो सकता है हालांकि कार्यक्रम योजनाओं या कोई प्रोजेक्ट के उद्घाटन के होंगे लेकिन नेता सभा को संबोधित करके जाएंगे।