राजस्थान के बाड़मेर में दो भाइयों, खेत सिंह और भीम सिंह ने 171 बीघा जमीन गायों के लिए दान की। इस मिसाल ने समाज में एक नई सोच पैदा की है।

बाड़मेर. आज के समय में एक गज जमीन के लिए एक भाई दूसरे भाई का मर्डर कर देता है। वहीं राजस्थान के बाड़मेर में रहने वाले दो भाइयों ने जो मिसाल पेश की है, वह सोचना भी मुश्किल है। दोनों ने 171 बीघा जमीन यानी 5 लाख गज से ज्यादा उपजाऊ लैंड दान कर दी। वह भी गायों की गौशाला और उनकी देखरेख के लिए । मालिकाना हक के सारे दस्तावेज सरकार को सौंप दिए हैं।

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खेत सिंह और भीम सिंह बने सबसे बड़े दानी

दरअसल, बाड़मेर के सीमावर्ती इलाके में मगरा गांव है । जहां खेत सिंह और भीम सिंह दो भाई रहते हैं । दोनों राजपूत समाज से आते हैं । उन्होंने अपनी खातेदारी जमीन में से करीब 28 हेक्टेयर जमीन गोचर के लिए दान कर दी है। 28 हेक्टेयर जमीन का मतलब 171 बीघा जमीन है। इस जमीन से जुड़े हुए तमाम जमाबंदी और दस्तावेज उन्होंने गडरा रोड उपखंड अधिकारी अनिल जैन को सौंप दिए हैं, यानी इस जमीन पर अब उनका कोई हक नहीं है।

अफसर ने भाइयों की दिलेरी को किया सलाम

तहसीलदार सुरेश चौधरी ने बताया कि दोनों भाइयों ने बहुत बड़ा दान किया है। गायों एवं अन्य मवेशियों के लिए चारागाह के तौर पर इस जमीन को काम में लिया जाएगा। बड़ी बात यह है की जमीन की बाउंड्री भी की हुई है और दोनों भाइयों ने यह भी जिम्मेदारी ली है की जमीन पर किसी तरह का अगर अतिक्रमण होता है तो इसकी जानकारी सरकार को देंगे।

तहसीलदार के जीवान का यह पहला मामला

तहसीलदार आगे बताया कि अक्सर हमारे पास जो मामले आते हैं वह जमीन को लेकर भाइयों के झगड़े के आते हैं, लेकिन पहली बार ऐसा मामला आया है जब दो भाई खुद की जमीन दान में देने के लिए आए हैं। यह मेरे जीवन का पहला मामला है। यह जमीन करोड़ों रूपयों के कीमत की है।

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