एक महिला ने बताया कि उसकी बीमार माँ को एक होटल के टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए 805 रुपये देने पड़े।

जयपुर: एक महिला ने खुलासा किया कि राजस्थान के एक होटल में उसकी बीमार माँ से सिर्फ छह मिनट टॉयलेट इस्तेमाल करने के 805 रुपये वसूले गए। महिला ने लिंक्डइन पर पोस्ट शेयर करके बताया कि खातू श्याम जी मंदिर दर्शन के दौरान उसकी माँ की तबीयत बिगड़ गई। पास में कोई टॉयलेट न मिलने पर उन्हें एक होटल में जाना पड़ा, जहाँ टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए उनसे 805 रुपये मांगे गए। पोस्ट वायरल होने पर होटल की जमकर आलोचना हुई।

महिला ने लिखा, "मैंने एक टॉयलेट इस्तेमाल करने के 805 रुपये दिए। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। कल मैं अपने परिवार के साथ खातू श्याम जी गई थी। माँ का बहुत दिनों से मंदिर जाने का मन था। हम सुबह 6 बजे होटल से निकले और 7 बजे मंदिर पहुँच गए। वहाँ लंबी कतार थी, जिसमें हमें करीब 2 घंटे लग गए। माँ कहती हैं, भगवान के आगे कोई VIP नहीं होता, इसलिए हमने सामान्य दर्शन की कतार में लगने का फैसला किया।"

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महिला की पोस्ट

मैंने एक टॉयलेट इस्तेमाल करने के 805 रुपये दिए। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। कल मैं अपने परिवार के साथ खातू श्याम जी गई थी। माँ का बहुत दिनों से मंदिर जाने का मन था। हम सुबह 6 बजे होटल से निकले और 7 बजे मंदिर पहुँच गए। वहाँ लंबी कतार थी, जिसमें हमें करीब 2 घंटे लग गए। माँ कहती हैं, भगवान के आगे कोई VIP नहीं होता, इसलिए हमने सामान्य दर्शन की कतार में लगने का फैसला किया।

लेकिन तभी माँ की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। हमने आसपास टॉयलेट ढूँढा, लेकिन मंदिर में या डेढ़ किलोमीटर के दायरे में कोई टॉयलेट नहीं था। माँ बहुत कमजोर हो गई थीं, इसलिए हम उन्हें पास के एक होटल में ले गए। हमने रिसेप्शनिस्ट से विनती की कि माँ की तबीयत ठीक नहीं है, उन्हें टॉयलेट इस्तेमाल करने दें। लेकिन उसने 805 रुपये मांगे।

यह सुनकर हम हैरान रह गए। मैंने कहा कि हमें कमरा नहीं चाहिए, बस 5 मिनट के लिए टॉयलेट इस्तेमाल करना है। लेकिन रिसेप्शनिस्ट ने कोई रहम नहीं दिखाया। मैंने कहा कि हमारा होटल 7 किलोमीटर दूर है, क्या आप पैसे कम कर सकते हैं? लेकिन होटल वाले ने 805 रुपये पर ही अड़े रहे। मजबूर होकर पापा ने पैसे दे दिए। जब हमने बिल माँगा, तो होटल वाला भड़क गया। फिर उसने कहा, "बिल छोड़ो, 100 रुपये कम कर देता हूँ।" आखिरकार पापा के कहने पर उसने अनमने भाव से 805 रुपये का बिल दिया। माँ ने सिर्फ छह मिनट टॉयलेट इस्तेमाल किया था।

मैं यह सब सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रही हूँ। एक पीड़ित महिला को देखकर कोई कैसे बुनियादी इंसानियत की कीमत लगा सकता है? हम क्या बन गए हैं? यह किसी आम जगह पर नहीं, बल्कि एक धार्मिक स्थल के पास हुआ। जहाँ हम शांति, दया और विश्वास पाने जाते हैं। यह बहुत दुखद है। इसलिए मैं यह बात सबके साथ शेयर कर रही हूँ।

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